नितिन नवीन के रूप में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मिला है. उन्हें मंगलवार (20 जनवरी 2026) को बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में आधिकारिक तौर पर चुना गया. इस साल देश राज्यों में होने वाले अलग-अलग चुनावों के लिए नितिन नवीन ने पहली नियुक्तियां कर दी है. उन्होंने विनोद तावडे को केरल विधानसभा के लिए चुनाव प्रभारी और शोभा करंदलाजे को सह प्रभारी बनाया है. महाराष्ट्र सरकार में मौजूदा मंत्री आशीष शेलार को भी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है.
विनोद तावडे समेत इन नेताओं को दी गई ये जिम्मेदारी
बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विनोद तावडे को चंडीगढ़ मेयर चुनाव की भी जिम्मेदारी सौंपी है. इसके अलावा राम माधव को ग्रेटर बेंगलुरु के कारपोरेशन चुनाव का प्रभारी, सतीश पूनिया और संजय उपाध्याय को सह प्रभारी बनाया गया है. नितिन नवीन ने आगामी तेलंगाना नगर निगम चुनावों के लिए आशीष शेलार को चुनाव प्रभारी, अशोक परनामी और रेखा शर्मा को चुनाव सह-प्रभारी नियुक्त किया है.
चुनावों को लेकर नितिन नवीन की कार्यकर्ताओं से अपील
नितिन नवीन ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने, सनातन परंपराओं और आस्था की रक्षा करने और देश को जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से बचाने का भी आह्वान किया. उन्होंने कहा, ’15 अगस्त, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं से सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने का आह्वान किया था. मैं देश के युवाओं से कहना चाहता हूं कि राजनीति से दूर रहना समाधान नहीं, बल्कि सक्रिय योगदान देना ही समाधान है.’
नितिन नवीन बिहार से पांच बार विधायक रह चुके हैं और 14 दिसंबर को बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने से पहले राज्य सरकार में कानून एवं न्याय, शहरी विकास और आवास मंत्री रह चुके हैं. बीजेपी अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ और मंडल स्तर पर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम जारी रखने का आग्रह किया.
डेमोग्राफिक चेंज पर हो रही चर्चा: नितिन नवीन
उन्होंने कहा, ‘बीजेपी की निगरानी व्यवस्था इतनी मजबूत है कि वह हर छोटी से छोटी बात पर नजर रख सकती है और एक दिन आपको उस मुकाम तक पहुंचाएगी जिसके आप हकदार हैं.’ बीजेपी के नए अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में आगामी चुनावों से पहले राज्यों में डेमोग्राफिक चेंज पर चर्चा हो रही है.


