बिजनेसमैन संजय कपूर की 30 हजार करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी और फैमिली बिजनेस से जुड़े मामले पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने बेहद अहम टिप्पणी की. कोर्ट ने संजय कपूर के परिवार को सलाह दी है कि पारिवारिक झगड़े को सड़क पर न लाएं, बल्कि उसे शांति और समझदारी के साथ सुलझाएं. कोर्ट संजय कपूर की मां रानी कपूर की याचिका पर सुनवाई कर रहा था. कोर्ट ने रानी कपूर, संजय कपूर की पहली पत्नी प्रिया, दूसरी पत्नी करिश्मा कपूर और उनके बच्चों से कहा कि यह संपत्ति मेहनत की तरह है और इसे आशीर्वाद की तरह लें.
आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने जोर देकर कहा कि ये जो संपत्ति और बिजनेस है, ये दूसरों की मेहनत का फल है और आपके लिए आशीर्वाद हैं. इसे आशीर्वाद की तरह ही लें, इसे अपने लिए अभिशाप मत बनने दें. कोर्ट ने यह भी कहा कि परिवार के रिश्तों का सम्मान करने की कोशिश करें और इस विवाद को शांति से सुलझाने की कोशिश करें.
रानी कपूर के फैमिली ट्रस्ट से जुड़ी इस याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले को बातचीत और समझौते के जरिए सुलझाने का सुझाव दिया. कोर्ट ने साफ कहा कि सीधे झगड़े या लड़ाई से चीजें और बिगड़ सकती हैं, इसलिए बीच का रास्ता निकालने की कोशिश करनी चाहिए.
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि संजय कपूर की पहली पत्नी प्रिया कपूर ने आवेदन दायर कर रानी कपूर की याचिका को खारिज करने की मांग की थी. इस पर कोर्ट ने नोटिस जारी कर सभी पक्षों को जवाब देने का मौका दिया. कोर्ट ने कहा कि चार हफ्ते के अंदर सभी पक्ष अपने-अपने जवाब दाखिल करें और अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी.
रानी कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में प्रिया कपूर और एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों कियान और समायरा समेत 22 लोगों के खिलाफ याचिका दायर की है. रानी कपूर का आरोप है कि प्रिया और करिश्मा के बच्चों ने उनकी पूरी संपत्ति हड़पने के लिए एक धोखाधड़ी वाला फैमिली ट्रस्ट बनाया. उनका कहना है कि यह ट्रस्ट फर्जी और बेकार है. रानी कपूर का दावा है कि उनकी संपत्ति और पारिवारिक विरासत उनके जानने या अनुमति के बिना उस ट्रस्ट में गैर-कानूनी तरीके से डाल दी गई.


