सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (29 दिसंबर 2025) को दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें 2017 के उन्नाव रेप मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया गया था. इस बीच पीड़िता ने एबीपी न्यूज से एक्सक्लूसिव बात करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले को संज्ञान लेगा और उन्हें न्याय देगा.
‘मेरे पति का फोटो शेयर कर धमकी दी जा रही’
पीड़िता ने कहा, ‘जब से सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर मेरे पक्ष में आया है तब से मेरे पति का फोटो उनके फेसबुक से लेकर एक नंदिनी दीक्षित नाम के फेसबुक आईडी से शेयर किया जा रहा है कि ये रेप पीड़िता का पति है. इस पर बृजभूषण शरण सिंह अटैक करवा सकते हैं क्योंकि कुलदीप सिंह सेंगर अब जेल से नहीं निकलेंगे.’
उन्नाव की महिला वकील पर पीड़िता ने लगाए आरोप
पीड़िता ने कहा, ‘उन्नाव की एक महिला वकील रश्मि सिंह सेंगर हैं. 2023 में जब मेरी शादी हुई तो उन्होंने उसी समय मेरी फोटो शेयर कर दी थी, जबकि सुप्रीम कोर्ट का सख्त ऑर्डर है कि कोई भी रेप पीड़िता की तस्वीर शेयर नहीं कर सकता है. आज तक उन पर कार्रवाई नहीं हुई है. ये वकील कह रही हैं कि मैं रेप पीड़िता नहीं हूं. हाई कोर्ट के ऑर्डर के बाद मेरे पति को नौकरी से निकाल दिया गया.’
सीबीआई की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सेंगर की जमानत पर रोक लगाने का आदेश दिया. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर कुलदीप सेंगर को नोटिस भी जारी किया.
कुलदीप सेंगर को फांसी हो- पीड़िता
सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद पीड़िता ने कहा, ‘इस लड़ाई को लगातार लड़ती रहूंगी और यह सुनिश्चित करूंगी कि उसे फांसी की सजा मिले तभी हमारे परिवार को सच्चा न्याय मिलेगा. मैं उन सभी की आभारी हूं जो मेरे साथ खड़े रहे और मुझे न्याय दिलाने में मदद की. मेरे पिता की आत्मा को तभी शांति मिलेगी, जब कुलदीप सिंह सेंगर को फांसी होगी.’ पीड़िता की मां ने कहा, ‘हम सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा करते हैं. जिन लोगों ने मेरे पति का मर्डर किया, उन्हें मौत की सजा मिलनी चाहिए.’


