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दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद, PM मोदी ने गले लगाकर किया स्वागत
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दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद, PM मोदी ने गले लगाकर किया स्वागत

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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान दिल्ली पहुंच चुके हैं. दिल्ली एयरपोर्ट पर UAE राष्ट्रपति का भव्य स्वागत हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर रिसीव करने पहुंचे. इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें गले भी लगाया. राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद का ये भारत दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब सऊदी और यूएई के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. 

यूएई राष्ट्रपति की भारत यात्रा पर पीएम मोदी ने भी पोस्ट किया है. उन्होंने X पर लिखा, ‘मैं अपने भाई, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का स्वागत करने के लिए एयरपोर्ट गया. उनकी यह यात्रा भारत और UAE के बीच दोस्ती के मज़बूत रिश्तों को जो अहमियत दी जाती है, उसे दिखाती है. मैं हमारी बातचीत का इंतज़ार कर रहा हूं.’

राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद तीसरी आधिकारिक यात्रा

भारत दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आमंत्रित किया है. यूएई के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद से उनकी यह तीसरी आधिकारिक यात्रा है. पिछले 10 सालों में वह भारत चार बार आ चुके हैं. इससे पहले सितंबर 2025 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख खालिद बिन जायद अल नाहयान और अप्रैल 2025 में यूएई के उप प्रधानमंत्री प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अलद मकतूम भारत दौरे पर आए थे. 

विदेशी निवेश का 7वां सबसे बड़ा सोर्स UAE 

यूएई के नेताओं की यात्राएं दोनों देशों के बीच मजबूती को दर्शाती हैं. हाल के दिनों में भारत और यूएई के बीच संबंध और मजबूत हुए हैं. यूएई भारत में विदेशी निवेश का सातवां सबसे बड़ा सोर्स है. यूएई साल 2000 से भारत में अबतक 22 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश कर चुका है. यह निवेश भारत के डेवलपमेंट सेक्टर में अहम भूमिका निभा रहा है. 

दोनों देशों के बीच गर्मजोशी से भरे रिश्ते रहे हैं

दोनों देश एक दूसरे के व्यापार और निवेश में अहम साझेदार हैं. इनमें कंप्रिहेंसिव इकॉनोमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA), लोकल करेंसी सेटलमेंट (LCS) सिस्टम और बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी शामिल है. इसके अलावा दोनों देशों के बीच एक मजबूत ऊर्जा साझेदारी भी है. इसमें लॉन्ग टर्म सप्लाई सिस्टम शामिल है. दोनों देशों के बीच गर्मजोशी भरे रिश्ते रहे हैं. साथ ही कई क्षेत्रों में हिस्सेदारी को साझा करते है, जो राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों पर आधारित है. 





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