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उत्तर-पूर्व मानसून ने पकड़ी रफ्तार, तमिलनाडु के 8 जिलों में ‘रेड’ अलर्ट, CM स्टालिन का फैसला
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उत्तर-पूर्व मानसून ने पकड़ी रफ्तार, तमिलनाडु के 8 जिलों में ‘रेड’ अलर्ट, CM स्टालिन का फैसला

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तमिलनाडु में उत्तर-पूर्व मानसून के तेज होने के बीच क्षेत्रीय मौसम कार्यालय ने मंगलवार (21 अक्टूबर, 2025) को कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की. वहीं राज्य के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की और बारिश को देखते हुए एहतियाती उपाय करने के निर्देश दिये.

स्टालिन ने उन जिलों में निगरानी अधिकारी के रूप में IPS अधिकारियों को तैनात करने का निर्देश भी दिया, जहां भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक निम्न दबाव का क्षेत्र एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में तब्दील हो गया है.

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम भाग में निम्न दबाव

मौसम विज्ञान ने कहा, ‘दक्षिण बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से, मंगलवार (21 अक्टूबर 2025) को भारतीय समयानुसार प्रातः 05:30 बजे बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम भाग में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना. यह मंगलवार को भारतीय समयानुसार प्रातः 08:30 बजे उसी क्षेत्र में एक सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया.’

मौसम विज्ञान ने कहा, ‘इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने और बुधवार (22 अक्टूबर 2025) की दोपहर तक उत्तर तमिलनाडु-पुदुचेरी-कराईकल और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के पास दक्षिण पश्चिम और उससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अवदाब के रूप में केंद्रित होने की संभावना है. इसके बाद, इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर उत्तर तमिलनाडु-पुदुचेरी-कराईकल और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ना जारी रखने और अगले 24 घंटे के दौरान और तीव्र होने की संभावना है.’

इन क्षेत्रों में ‘ऑरेंज’ और ‘रेड’ अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार के लिए आठ जिलों में ‘रेड’ अलर्ट और चेन्नई के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राज्य के विभिन्न हिस्सों में व्यापक बारिश हुई है. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि विल्लुपुरम, कुड्डालोर, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम, तिरुवल्लूर, तंजावुर, पुदुकोट्टई और रामनाथपुरम में रेड अलर्ट जारी किया गया है. पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी के लिए भी इसी तरह का अलर्ट जारी किया गया है.

अधिकारी ने कहा, ‘पूरे उत्तरी तटीय क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है, लेकिन उपरोक्त जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है.’ उनके अनुसार, चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, कल्लाकुरिची, अरियालुर, पेरम्बलुर, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है.

चेन्नई CM ने जिला कलेक्टरों के साथ की ऑनलाइन बैठक

रेड अलर्ट 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से अधिक की अत्यधिक भारी बारिश का संकेत देता है, जबकि ऑरेंज अलर्ट का मतलब 11 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश है. चेन्नई में, मुख्यमंत्री स्टालिन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जिला कलेक्टरों के साथ बैठक की और उन्हें बारिश से प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर तैयार रखने के निर्देश दिए.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा कि लोगों के लिए भोजन, पेयजल और दवा सहित सभी व्यवस्थाएं की जानी चाहिए. बारिश से हुए नुकसान को कम करने के लिए, मुख्यमंत्री ने दलों को जेसीबी मशीन, नौका, मोटर पंप, ट्रक और आरी जैसे आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रहने की सलाह दी.

बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों का CM ने किया निरीक्षण 

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि निगरानी अधिकारी उत्तरी तमिलनाडु के कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लुर सहित संबंधित जिलों के अलावा तंजावुर और तिरुवरुर जैसे डेल्टा क्षेत्र में आवश्यक कार्यों का समन्वय करेंगे. इससे पहले दिन में, उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने दक्षिण चेन्नई क्षेत्र में जलमार्गों को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे बुनियादी ढांचे के विकास और नवीनीकरण कार्यों का निरीक्षण किया, ताकि मानसून के मौसम में बाढ़ का पानी आसानी से समुद्र में जा सके.

इन कार्यों में गहरीकरण, चौड़ीकरण, कंक्रीट की दीवारों से ढकी नहरों का निर्माण, वर्षा जल निकासी के साथ-साथ उन क्षेत्रों से गाद निकालना शामिल है, जहां नहरें समुद्र और नदी के मुहाने से मिलती हैं. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उदयनिधि ने ओक्कियम माधवी नहर का दौरा किया, जहां 27 करोड़ रुपये की लागत से यह कार्य किया जा रहा है. इसमें कहा गया है कि उन्होंने कन्नगी नगर क्षेत्र में गाद निकालने के कार्य का भी निरीक्षण किया.

बारिश से हजारों एकड़ धान की कटाई प्रभावित 

स्थानीय किसानों ने बताया कि पिछले दो दिनों से तिरुनेलवेली जिले के अंबासमुद्रम और उसके आसपास लगातार हो रही बारिश से हजारों एकड़ धान की फसल की कटाई प्रभावित हुई है. काकनल्लूर गांव के किसान सुब्रमण्यम ने ‘पीटीआई’ से कहा कि इस साल दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्वी मानसून के बीच कोई राहत नहीं मिलने के कारण धान की कटाई का समय नहीं मिला.

उन्होंने कहा, ‘खेतों में अभी भी पके हुए धान की फसल खड़ी है. अगर बारिश जारी रही तो यहां के किसान प्रभावित होंगे. सरकार हमारे बोझ को कम करने के लिए एक काम कर सकती है, वह यह कि कटाई पूरी होते ही चावल की घर-घर जाकर खरीद शुरू कर दी जाए.’

तमिलनाडु जल संसाधन विभाग ने की घोषणा

‘पीटीआई’ ने जिन कई इलाकों का दौरा किया, वहां धान के डंठल झुके दिखाई दे रहे हैं और कुछ जगहों पर वे जड़ से अंकुरित होने लगे हैं. तिरुनेलवेली में उत्तर-पूर्वी मानसून तेज हो गया है, जिससे मन्नारकोइल, अयान, तिरुवलीस्वरम, काकनल्लूर, वैगैकुलम और ब्रम्हदेशम जैसे कृषि प्रधान गांव प्रभावित हुए हैं.

इस बीच, तमिलनाडु के जल संसाधन विभाग ने मंगलवार को घोषणा की है कि एहतियात के तौर पर, केलकट्टलाई और नारायणपुरम झीलों में जल भंडारण को कम करने के लिए यहां पल्लीकरनई क्षेत्र में उसकी ओर से स्थापित ‘फ्लड रेगुलेटर’ खोल दिये गए हैं और झीलों से पानी छोड़ा जा रहा है.

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