2 फरवरी 2026 को बजट सत्र के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के लेख का जिक्र सदन में किया था, जिस पर जमकर हंगामा देखने को मिला. संसद में राहुल गांधी के हाथ में नजर आई इस अनपब्लिश किताब को लेकर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) ने भी स्पष्टीकरण जारी किया है.
पेंगुइन की ओर से 9 फरवरी (सोमवार) को जारी बयान में कहा गया कि हाल ही में सार्वजनिक चर्चा और मीडिया रिपोर्ट्स को लेकर वह अपना पक्ष रखना चाहते हैं. पेंगुइन की ओर से साफ किया गया कि संस्मरण के राइट केवल उसके पास ही हैं, साफ किया गया कि इसका कोई भी आधिकारिक संस्करण सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया गया है. पीआरएचआई का यह बयान दिल्ली पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज करने और पांडुलिपि के डिजिटल और अन्य फॉर्मेट में अवैध तरीके से सर्कुलेशन की जांच शुरू करने के बाद आया.
पब्लिकेशन ने साफ किया कि, “भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की ओर से लिखे गए संस्मरण ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के प्रकाशन अधिकार हमारे पास हैं. हम यह साफ करना चाहते हैं कि इस किताब का अब तक प्रकाशन नहीं हुआ है.”
दिल्ली पुलिस ने दर्ज की है एफआईआर
दिल्ली पुलिस ने इस किताब के लीक होने के मामल में एफआईआर दर्ज की है. आरोप है कि किताब को मंजूरी नहीं मिलने से पहले इसका फ्री प्रिंट कॉपी और पीडीएफ सोशल मीडिया आदि पर अवैध तरीके से सर्कुलेट कर दिया गया. पुलिस ने इसे पब्लिकेशन ब्रीच माना है और मामले की जांच में जुटी है.
राहुल गांधी का पेंगुइन पर निशाना
वहीं, पेंगुइन के बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है. राहुल ने कहा, मनोज नरवणे जी का ही एक ट्वीट है, जिसमें लिखा है – हेलो फ्रेंड्स, मेरी किताब अब उपलब्ध है, बस लिंक को फॉलो करें. मैं जो कहना चाह रहा हूं वह यह है कि या तो मिस्टर नरवणे झूठ बोल रहे हैं या पेंगुइन झूठ बोल रहा है. मुझे लगता है कि नरवणे जी ने अपनी किताब में कुछ ऐसी बातें कहीं है जो सरकार और प्रधानमंत्री के लिए असुविधाजनक हैं.”


