ईडी की हैदराबाद टीम ने PMLA के तहत M/s Prudvi Solar Power Projects Pvt. Ltd. और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर बायराजू श्रीनिवास राजू के खिलाफ हैदराबाद की स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. कोर्ट ने इसपर 1 नवंबर 2025 को संज्ञान ले लिया है.
ED की जांच CBI, हैदराबाद की ओर से दर्ज की गई एक FIR के आधार पर शुरू हुई थी. जांच पूरी होने के बाद CBI ने 30 मार्च 2021 को चार्जशीट दाखिल की थी. CBI की चार्जशीट के मुताबिक, Prudvi Solar Power Projects Pvt. Ltd. और उसके डायरेक्टर ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को करीब 3.81 करोड़ रुपये का चूना लगाया था.
4.5 करोड़ रुपये का ओवरड्राफ्ट लोन मंजूर
ED की जांच में सामने आया कि SBI ने कंपनी को 4.5 करोड़ रुपये का ओवरड्राफ्ट लोन मंजूर किया था, ताकि कंपनी 5 मेगावॉट का सोलर प्लांट लगा सके, लेकिन लोन लेने के लिए बायराजू श्रीनिवास राजू ने कंपनी का टर्नओवर फर्जी तरीके से 30.5 करोड़ रुपये दिखाया.
लोन मिलने के बाद, उस पैसे को सोलर प्रोजेक्ट पर खर्च करने की बजाय, राजू ने रकम अपने पर्सनल बैंक अकाउंट, कंपनी की सहयोगी फर्म (Prudvi Infra), चिट फंड और नकद निकासी के जरिए हेराफेरी कर ली.
सोलर प्लांट बनाने का वादा कर पैसे का गलत इस्तेमाल
ED की जांच में पता चला कि ये पैसा निजी खर्चों और गैर-जरूरी कामों में इस्तेमाल किया गया. कंपनी ने सोलर प्लांट बनाने का वादा किया, लेकिन वो प्रोजेक्ट कभी शुरू ही नहीं हुआ. बैंक को कोई भुगतान नहीं मिला और ये खाता 14 अक्टूबर 2017 को NPA (Non-Performing Asset) घोषित हो गया.
बाद में SBI ने 26 नवंबर 2019 को इस खाते को फ्रॉड घोषित कर दिया. ED ने अपनी चार्जशीट में कंपनी और डायरेक्टर को आरोपी बताते हुए कहा है कि उन्होंने SBI को 3.81 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया और ये रकम अपराध से कमाई गई रकम है. इससे पहले ED ने 3.81 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अटैच की थी, जो बायराजू श्रीनिवास राजू के नाम पर है.
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