भारत-पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इस मैच को लेकर कड़े बयान दिए हैं. दोनों नेताओं ने अलग-अलग मुद्दों पर पाकिस्तान और मैच के आयोजन को लेकर सवाल उठाए हैं. यह मुकाबला रविवार, 15 फरवरी की शाम को कोलंबो में खेला जाना है.
पाकिस्तान को दुश्मन की तरह देखें: रंधावा
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने साफ कहा कि पाकिस्तान भारत का दुश्मन है और उसके साथ वैसा ही व्यवहार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत का पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए. रंधावा ने यह भी कहा कि सीमा पर रहने वाले लोग बेहतर जानते हैं कि पाकिस्तान किस तरह भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर चला रहा है. उनके मुताबिक ऐसे हालात में खेल संबंधों पर भी सोचने की जरूरत है.
#WATCH | Jaipur, Rajasthan: On India vs Pakistan #ICCT20WorldCup, Congress MP Sukhjinder Singh Randhawa says, “… Pakistan is the enemy of our country, and it should be treated like that only. We have no dealings with them. Those who are on the border know how Pakistan is… pic.twitter.com/3FlPP06UIX
— ANI (@ANI) February 15, 2026
‘यह भारत-पाक मैच नहीं’: संजय राउत
वहीं, संजय राउत ने मैच को लेकर अलग आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि भारत-पाक मैचों से बड़े स्तर पर सट्टेबाजी होती है. मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राउत ने कहा, ‘यह भारत-पाकिस्तान मैच नहीं है, यह जय शाह बनाम पाकिस्तान मैच है. देश की जनता यह मैच नहीं चाहती.’ उन्होंने जय शाह का नाम लेते हुए बयान दिया. जय शाह अभी आईसीसी से जुड़े अहम पद पर हैं. उनके पिता अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं. जय शाह की ओर से इस बयान पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
पहले बहिष्कार, फिर खेलने का फैसला
यह बयान उस समय आए हैं जब पाकिस्तान ने पहले इस ग्रुप मैच का बहिष्कार करने का फैसला लिया था, लेकिन बाद में अपना निर्णय बदल दिया. पाकिस्तान टीम ने शुरुआत में बांग्लादेश के समर्थन में मैच न खेलने की बात कही थी. बताया गया कि बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मैचों का स्थान बदलने की मांग की थी, जिसे आईसीसी ने मंजूर नहीं किया. इसके बाद विवाद बढ़ा था.
पीसीबी अध्यक्ष भी रहेंगे मौजूद
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोहसिन नकवी, जो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष हैं और पाकिस्तान सरकार में मंत्री भी हैं, रविवार को मैच देखने कोलंबो पहुंचेंगे. खबर है कि वह मैच के दौरान आईसीसी अधिकारियों से भी बातचीत कर सकते हैं.


