राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार (6 अक्टूबर, 2025) को लॉरेंस बिश्नोई गैंग और आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के गठजोड़ से जुड़े केस में एक और आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
NIA ने ये चार्जशीट दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल की है. ये चार्जशीट आरोपी राहुल सरकार के खिलाफ दाखिल की गई है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में सामने आया है कि राहुल सरकार ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कई सदस्यों की मदद की थी. उसने गैंग के लोगों को भारत से फरार कराने में मदद की और उनके लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार करवाए थे.
आरोपी ने गैंग के लोगों के लिए बनाए थे फर्जी दस्तावेज
NIA के मुताबिक, आरोपी राहुल सरकार ने गैंग के सदस्यों के लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और बैंक पासबुक जैसे नकली दस्तावेज तैयार करवाए और इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल करके गैंग के कुछ सदस्य, जिनमें सचिन बिश्नोई भी शामिल है, फर्जी पासपोर्ट बनवाने में कामयाब रहे और देश के बाहर भाग गए.
22 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, 18 गिरफ्तार, 4 अभी भी फरार
इस मामले में अब तक कुल 22 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. इनमें से 18 को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 4 आरोपी अभी भी फरार है. ये केस शुरुआत में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 4 अगस्त, 2022 को दर्ज किया था. इसके बाद 26 अगस्त, 2022 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच अपने हाथ में ली थी. एजेंसी अब भी इस टेरर-गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की जांच कर रही है.
NIA की जांच में क्या हुआ खुलासा?
जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई गैंग और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के बीच देश में हिंसा और आतंक फैलाने की साजिश रची गई थी. इस नेटवर्क के जरिए अपराध की आड़ में आतंकी गतिविधियां चल रही थीं, जिसमें कई देशों से अवैध फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी मिल रहा था. हालांकि, फिलहाल मामले की जांच जारी है.
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