फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचाने वाला fraud case अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोप में मशहूर फिल्ममेकर Vikram Bhatt को मुंबई के यारी रोड इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया है।राजस्थान पुलिस और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर विक्रम को उनकी साली के घर से पकड़ा।
अब उदयपुर पुलिस बांद्रा कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए अप्लाई करने की तैयारी में है, ताकि उन्हें कानूनी प्रक्रिया के लिए राजस्थान ले जाया जा सके।
यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब आरोपी के खिलाफ लुक आउट नोटिस पहले से जारी था और उन्हें 8 दिसंबर तक उदयपुर पुलिस के सामने पेश होने का नोटिस दिया गया था।
7 दिन पहले जारी हुआ था लुक आउट नोटिस—6 अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा, विदेश यात्रा पर रोक
उदयपुर पुलिस ने लगभग एक सप्ताह पहले विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट, और अन्य 6 आरोपियों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था।
नोटिस के अनुसार—
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सभी आरोपियों को 8 दिसंबर तक उदयपुर पुलिस के सामने उपस्थित होना था
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किसी को भी देश छोड़ने की अनुमति नहीं थी
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उनके पासपोर्ट और यात्रा गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई थी
फिर भी उपस्थित न होने पर अब पुलिस ने गिरफ्तारी की दिशा में कदम बढ़ाया है।
क्या है पूरा Vikram Bhatt fraud case?—20 दिन पहले उदयपुर में दर्ज हुई थी 30 करोड़ की FIR
करीब 20 दिन पहले उदयपुर की भूपालपुरा पुलिस थाने में विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी समेत 8 लोगों पर 30 करोड़ की धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया गया था।
शिकायतकर्ता हैं—
इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया, जो भारत के प्रसिद्ध IVF विशेषज्ञों में से एक हैं।
डॉ. मुर्डिया ने बताया कि फिल्म डायरेक्टर और उनकी टीम ने उन्हें 200 करोड़ की कमाई का झांसा देकर बायोपिक बनाने के नाम पर ठगी की कथित योजना रची।
उनका कहना है कि विक्रम भट्ट ने फिल्म निर्माण का पूर्ण जिम्मा लेने का दावा करते हुए बड़े निवेश का दबाव बनाया, जिसके बाद करोड़ों रुपये की ट्रांजैक्शन की गई।
शिकायत में किन-किन लोगों के नाम?—फिल्म इंडस्ट्री के कई चेहरे आए निशाने पर
डॉ. अजय मुर्डिया की रिपोर्ट में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, वे हैं—
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विक्रम भट्ट, फिल्म निर्देशक
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श्वेतांबरी भट्ट, उनकी पत्नी
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कृष्णा, पुत्री (निवासी अंधेरी वेस्ट, मुंबई)
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दिनेश कटारिया, निवासी सहेली नगर, उदयपुर
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महबूब अंसारी, प्रोड्यूसर, निवासी ठाणे
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मुदित बुटट्टान, निवासी दिल्ली
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गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव, DSC चेयरमैन
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अशोक दुबे, जनरल सेक्रेटरी, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज
इन सभी पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने मिलकर एक धोखाधड़ी नेटवर्क तैयार किया।
बायोपिक का सपना—कैसे हुई थी मुलाकात? कहाँ से शुरू हुआ कथित ‘200 करोड़ कमाई’ का झांसा
डॉ. मुर्डिया अपनी दिवंगत पत्नी पर बायोपिक बनाना चाहते थे।
यही भावनात्मक संबंध और सपना इस धोखाधड़ी का आधार बन गया।
उनकी कहानी के अनुसार—
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उन्होंने दिनेश कटारिया से संपर्क किया
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कटारिया ने उन्हें 25 अप्रैल 2024 को मुंबई के वृंदावन स्टूडियो बुलाया
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वहीं उनकी मुलाकात हुई विक्रम भट्ट से
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विक्रम ने कहा कि बायोपिक को वे उच्च स्तर पर बनाएंगे
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और फिल्म निर्माण से जुड़े सभी कार्य वे संभालेंगे
लेकिन इसके बदले में डॉ. मुर्डिया से लगातार बड़ी रकम ट्रांसफर करने की मांग की गई।
VSB LLP नाम की फर्म—श्वेतांबरी भट्ट के नाम पर रजिस्टर्ड कंपनी में भेजे गए पैसे?
शिकायत में यह भी आरोप है कि विक्रम भट्ट ने बताया—
उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और बेटी कृष्णा फिल्म निर्माण के व्यवसाय में सहयोग करती हैं, और उन्होंने VSB LLP नाम से एक रजिस्टर्ड फर्म बना रखी है।
कथित रूप से इसी फर्म में—
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फिल्म निर्माण
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स्क्रिप्ट विकास
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प्री-प्रोडक्शन
के नाम पर करोड़ों की मांग की गई।
डॉ. मुर्डिया का दावा है कि उन्हें लगातार
“फिल्म प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है”
जैसी बातें बताकर पैसा ट्रांसफर करवाया जाता रहा।
क्या वाकई फिल्म बन रही थी?—पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले सुराग मिले
भूपालपुरा पुलिस की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि—
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फिल्म निर्माण के नाम पर दिखाए गए दस्तावेज़ संदिग्ध थे
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प्रोडक्शन फाइलें अधूरी थीं
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कई ईमेल और स्टेटमेंट मेल नहीं खाते
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कथित मीटिंग्स के लोकेशन डेटा संदिग्ध पाए गए
इससे पुलिस को शक हुआ कि पुरा मामला योजनाबद्ध वित्तीय धोखाधड़ी हो सकता है।
गिरफ्तारी से पहले विक्रम भट्ट कहाँ छिपे थे?—पुलिस की 48 घंटे की सर्च ऑपरेशन की अंदरुनी कहानी
सूत्रों के अनुसार—
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मुंबई में विक्रम भट्ट की गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही थी
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कई बार लोकेशन बदलने से उन्हें पकड़ना मुश्किल हो रहा था
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अंततः पुलिस उनकी साली के यारी रोड फ्लैट तक पहुंची
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वहीं से हुई गिरफ्तारी
यह गिरफ्तारी पूरी तरह समन्वय और तकनीकी सर्विलांस पर आधारित बताई जा रही है।
अब आगे क्या?—बांद्रा कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड, फिर उदयपुर ट्रांसफर
राजस्थान पुलिस ट्रांजिट रिमांड के लिए बांद्रा कोर्ट में अप्लाई करेगी।
यदि कोर्ट अनुमति देता है, तो—
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विक्रम भट्ट को उदयपुर ले जाया जाएगा
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पुलिस रिमांड की मांग करेगी
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वित्तीय लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य खंगाले जाएंगे
जांच में बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
उद्योग पर प्रभाव—फिल्म जगत में भी सन्नाटा, कई प्रोड्यूसर्स ने जताई चिंता
विक्रम भट्ट इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं, इसलिए यह मामला बॉलीवुड सर्किल में भी चर्चा का केंद्र है।
कुछ प्रोड्यूसर्स और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स ने कहा कि यह मामला
“इंडस्ट्री की छवि पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।”
Vikram Bhatt fraud case अब पूरी तरह कानूनी मोड़ ले चुका है। 30 करोड़ की कथित धोखाधड़ी, बायोपिक निर्माण का वादा और करोड़ों की लेन-देन की जांच अब तेज़ हो गई है। राजस्थान पुलिस आरोपी को उदयपुर ले जाने की तैयारी में है, जहाँ मामले की परतें खुलेंगी। फिल्म इंडस्ट्री और व्यावसायिक जगत दोनों इस केस के आगे के अध्याय पर नज़र बनाए हुए हैं।


