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लेह-लद्दाख हिंसा: सोनम वांगचुक से मिलने जोधपुर पहुंची जांच टीम, बातचीत के बाद रिपोर्ट तैयार
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लेह-लद्दाख हिंसा: सोनम वांगचुक से मिलने जोधपुर पहुंची जांच टीम, बातचीत के बाद रिपोर्ट तैयार

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लेह-लद्दाख हिंसा के आरोपी और प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने के लिए गठित उच्च स्तरीय सलाहकार मण्डल गुरुवार (23 अक्टूबर, 2025) को जोधपुर पहुंचा. मण्डल के सदस्यों में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व न्यायधीश और लेह-लद्दाख सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष एम. के. हंजूरा, लेह के जिला जज मनोज परिहार और सामाजिक कार्यकर्ता स्पल जयेश अंगमों शामिल हैं.

सभी सदस्य जोधपुर सर्किट हाउस पहुंचे, जहां उनका स्थानीय प्रशासन ने स्वागत किया. मण्डल के सभी सदस्य सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार (24 अक्टूबर, 2025) की सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर जोधपुर सेंट्रल जेल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात करेंगे.

मुलाकात के बाद टीम सरकार को सौंपेगी रिपोर्ट

सलाहकार मण्डल का उद्देश्य वांगचुक की गिरफ्तारी, जेल में उनकी स्थिति और मामले से जुड़े तथ्यों की समीक्षा करना बताया जा रहा है. मण्डल के सदस्य गुरुवार रात सर्किट हाउस में ही विश्राम करेंगे और शुक्रवार को मुलाकात के बाद संबंधित रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपने की संभावना है.

वांगचुक के समर्थकों का सरकार पर आरोप

इस बीच, वांगचुक के समर्थकों और मानवाधिकार संगठनों ने उनकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए इसे जन आंदोलनों को दबाने की कोशिश बताया है. हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कार्रवाई को उचित ठहराया है.

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर सेंट्रल जेल में रखा गया है. उनके खिलाफ यह कार्रवाई हाल ही में लेह-लद्दाख क्षेत्र में हुई हिंसा के बाद की गई थी. सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के आंदोलन का प्रमुख चेहरा हैं. यह आंदोलन लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत विशेष दर्जा देने की मांग से जुड़ा है.

सोनम वांगचुक पर पाकिस्तान के साथ काम करने का आरोप

आंदोलन ने जब उग्र रूप ले लिया तो लद्दाख प्रशासन ने सोनम पर विदेशी शक्तियों के लिए काम करने का आरोप लगाया. 26 सितंबर को उन्हें हिरासत में लेकर राजस्थान की जोधपुर जेल भेज दिया गया. उन पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से संपर्क रखने, विदेशों से अवैध चंदा लेने समेत कई आरोप हैं.

ये भी पढ़ें:- ‘लोगों के लिए अपना जीवन बलिदान किया’, नारायण गुरु के योगदान की राष्ट्रपति मुर्मू ने की सराहना



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