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बंगाल में हड़कंप! मालदा हिंसा केस में NIA की एंट्री, जांच में कई आरोपी गिरफ्तार
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बंगाल में हड़कंप! मालदा हिंसा केस में NIA की एंट्री, जांच में कई आरोपी गिरफ्तार

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मालदा हिंसा मामले में प्रारंभिक जांच दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. बुधवार (1 अप्रैल 2026) को हजारों लोगों ने कालियाचौक-2 ब्लॉक विकास कार्यालय (BDO) के दोनों गेटों को अवरुद्ध कर दिया था और सात न्यायिक अधिकारियों सहित कर्मचारियों को घंटों तक बंधक बनाकर रखा था, जिन्हें आधी रात के बाद छुड़ाया गया. आतंकवाद विरोधी एजेंसी ने प्रारंभिक जांच शुरू की, जब भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने औपचारिक रूप से अपने महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले को इस मामले के संदर्भ में लिया.

ECI का NIA को यह निर्देश गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को जारी हाई कोर्ट के आदेश के बाद आया, जिसमें चुनाव आयोग को किसी केंद्रीय एजेंसी, CBI या NIA की तरफ से घटना की जांच करने का निर्देश दिया गया था. न्यायालय ने इस हमले को न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराने और उन्हें अपना कर्तव्य निभाने से रोकने का जानबूझकर और सोची-समझी कोशिश बताया था. सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी स्पष्ट रूप से कहा था कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है और ECI को राज्य में अधिकारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग करने का निर्देश दिया था.

NIA की एक टीम मालदा पहुंची

NIA की एक टीम मालदा पहुंच गई है. हालांकि एजेंसी ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है, सूत्रों ने संकेत दिया है कि NIA की एक टीम शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को तड़के कोलकाता स्थित अपने कार्यालय से घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है. मालदा पहुंचकर टीम सबसे पहले संबंधित पुलिस स्टेशन का दौरा कर रही है और पुलिस से घटना से संबंधित सभी उपलब्ध जानकारी जुटा रही है. पुलिस फिलहाल इस मामले को संभाल रही है और उसने अब तक इस घटना से जुड़े 20 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मोथाबारी इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली और कथित मास्टरमाइंड एडवोकेट मोफक्करुल इस्लाम शामिल हैं.

कितने आरोपियों को किया गया गिरफ्तार?

सभी आरोपियों को कालियाचक-II ब्लॉक कार्यालय में हिंसा, आगजनी और सात न्यायिक अधिकारियों, जिनमें 3 महिलाएं भी शामिल थीं. उन्हें 8 घंटे के घेरे में रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. 19 आरोपियों में से पुलिस ने शाहजहां अली समेत 18 को गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को गिरफ्तार किया था और अदालत ने उन्हें 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था. मोफक्करुल इस्लाम पश्चिम बंगाल CID की तरफ से गिरफ्तार किया गया 19वां आरोपी है. उसे बागडोगरा हवाई अड्डे पर भागने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया गया था. सूत्रों के अनुसार, यह जांच एक विशेष दल द्वारा की जा रही है, जिसका नेतृत्व उप महानिरीक्षक (DIG ) रैंक का अधिकारी करेगा. और IG रैंक के अधिकारी को सारी अपडेट देगा.

NIA को सौंपी गई जिम्मेदारी

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को कई घंटों तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही क्योंकि भीड़ ने नाकाबंदी जारी रखी, नारे लगाए और तितर-बितर होने से इनकार कर दिया. घेराबंदी देर रात तक जारी रही और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के हस्तक्षेप के बाद बुधवार आधी रात के बाद फंसे हुए कर्मियों को आखिरकार बचाया गया. घटना का गंभीर संज्ञान लेते हुए, NIA को हिंसा के पीछे किसी बड़ी साजिश या संगठित तत्व की संलिप्तता का पता लगाने के लिए जांच शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. केंद्रीय एजेंसी की भागीदारी कानून-व्यवस्था और इस तरह के बड़े पैमाने पर लामबंदी के संभावित परिणामों को लेकर चिंताओं के बीच हुई है.

स्थानीय पुलिस ने शुरू कर दी थी जांच

स्थानीय पुलिस ने पहले ही मामले की अपनी जांच शुरू कर दी है और किसी भी तरह की और अधिक हिंसा को रोकने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं. अधिकारी नाकाबंदी और उसके बाद हुई हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयानों की भी समीक्षा कर रहे हैं.

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