Buzzing stocks : ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बनाने वाली कंपनियों में आज जोरदार तेजी दिख रही है। कमजोर बाजार में भी ग्रेफाइट इंडिया 10 फीसदी तो HEG 14 फीसदी ऊपर है। इन दोनों शेयरों में तेजी क्यों हैं, इस पर नजर डालें तो अमेरिका की ग्राफ्टेक ने ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के दाम बढ़ा दिए हैं। ग्राफ्टेक ने ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के दाम 15-30 फीसदी बढ़ाए हैं। कंपनी ने इसके दाम 600–1,200 डॉलर प्रति टन बढ़ाए हैं।
ग्राफ्टेक ने क्यों बढ़ाए दाम?
ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के भाव लंबे समय से काफी नीचे थे। साल 2025 की चौथी तिमाही में कंपनी को EBITDA घाटा हुआ है। क्रूड से संबंधित रॉ मटीरियल के बढ़ते दाम दाम की वजह से भाव में ये बढ़ोतरी करनी पड़ी है। पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते तेल के भाव बढ़े हैं।
सेक्टर पर क्या असर?
दाम बढ़ाने से सेक्टर में सेंटिमेंट बेहतर होगा। लंबे समय से मार्जिन पर दबवा बना हुआ था। अब प्राइस में रिकवरी की उम्मीद है।
क्यों अहम है ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड?
स्टील इंडस्ट्री में ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड का काफी इस्तेमाल होता है। इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस में इसका इस्तेमाल होता है।
ICICI सिक्योरिटीज का नजरिया
ICICI सिक्योरिटीज का कहना है कि इलेक्ट्रोड के दाम बढ़ने से सेंटिमेंट को बूस्ट मिलेगा। इससे कंपनियों के मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।
शेयर प्राइस हिस्ट्री
ग्रेफाइट इंडिया के शेयर 1.15 बजे के आसपास 42.60 रुपए यानी 7.15 फीसदी की बढ़त के साथ 638 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। आज का इसका दिन का हाई 659.85 रुपए और दिन का लो 589.85 रुपए हैं। स्टॉक का 52 वीक हाई 747 रुपए और 52 वीक लो 411 रुपए है। स्टॉक का ट्रेडिंग वॉल्यूम 12,741,390 शेयर और मार्केट कैप 12,484 रुपए है। 1 हफ्ते में ये शेयर 5.27 फीसदी भागा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 10.88 फीसदी की गिरावट आई है। 1 साल में ये शेयर 29.86 फीसदी और 3 साल में 146.67 फीसदी भागा है।
HEG पर नजर डालें तो फिलहाल ये शेयर 55.90 रुपए यानी 11.11 फीसदी की तेजी के साथ 560 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। आज का इसका दिन का हाई 574 रुपए और दिन का लो 498 रुपए है। इसका 52 वीक हाई 672 रुपए और 52 वीक लो 406.10 रुपए है। स्टॉक का ट्रेडिंग वॉल्यूम 32,349,843 शेयर और मार्केट कैप 10,772 करोड़ रुपए है।
1 हफ्ते में ये शेयर 11.90 फीसदी भागा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 3.44 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। 1 साल में शेयर 14.57 फीसदी और 3 साल में 198.55 फीसदी भागा है।
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