देहरादून में ED ने NH-74 हाईवे घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 13.89 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है. ये कार्रवाई PMLA के तहत की गई है. ED ने अपनी जांच पंतनगर थाने में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी. ये FIR NH-74 हाईवे को चौड़ा करने के दौरान जमीन अधिग्रहण में हुए कथित घोटाले से जुड़ी है.
जांच में सामने आया कि दिलबाग सिंह, जरनैल सिंह (सुंदर सिंह के पुत्र), बलजीत कौर (प्रताप सिंह की पत्नी) और दलविंदर सिंह (प्रताप सिंह के पुत्र) ने राजस्व अधिकारियों और बिचौलियों से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से बेक डेटेड में आदेश पास करवाए. इन आदेशों को उत्तर प्रदेश ज़मींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम की धारा 143 के तहत दिखाया गया..बाद में इन्हें राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवा दिया गया.
गैर कृषि भूमि दिखाकर हासिल किया करोड़ों का मुआवजा
आरोपियों ने अपनी जमीन को कृषि भूमि से गैर-कृषि भूमि दिखाकर मुआवजा हासिल किया. इससे उन्हें करीब 26 करोड़ 2 लाख 83 हजार 930 रुपये का अतिरिक्त मुआवजा मिल गया. हाईवे चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण में ये रकम सरकारी खजाने से दी गई थी. ED के मुताबिक, इस फर्जीवाड़े से सरकार को भारी नुकसान हुआ और आरोपियों को मोटा फायदा मिला. ED की जांच में ये भी सामने आया कि इस कथित अवैध कमाई से आरोपियों ने अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम पर कई संपत्तियां खरीदी. कुछ रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई.
इन संपत्तियों को माना पोसीड्स ऑफ क्राइम
इन्हीं संपत्तियों को अब प्रोसीड्स ऑफ क्राइम यानी अवैध कमाई मानते हुए करीब 13.89 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच किया गया है. इसमें जमीन-जायदाद के साथ-साथ कुछ चल संपत्तियां भी शामिल है. ED इस मामले में पहले भी 3 अनंतिम कुर्की आदेश जारी कर चुकी है. साथ ही अब तक 7 चार्जशीट विशेष PMLA कोर्ट, देहरादून में दाखिल की जा चुकी है. फिलहाल, इस पूरे मामले में जांच जारी है और ED आगे भी और खुलासे कर सकती है.


