देश की आईटी राजधानी कहे जाने वाले बेंगलुरु से डेटा चोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने आईटी इंडस्ट्री में डेटा सुरक्षा और कॉर्पोरेट गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मामले में एक सॉफ्टवेयर कंपनी को करीब 80 लाख यूरो यानी लगभग 87 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है.
बेंगलुरु सिटी पुलिस ने इस संबंध में व्हाइट फील्ड स्थित CEN क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की है. यह मामला क्राइम नंबर 0050/2026 के तहत पंजीकृत किया गया है. एफआईआर के अनुसार, अमाडेयुस सॉफ्टवेयर लैब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके पूर्व कर्मचारी आशुतोष निगम ने कंपनी का गोपनीय सोर्स कोड और अन्य संवेदनशील डेटा चोरी कर लिया. आरोप है कि 11 अक्टूबर, 2025 को आशुतोष निगम ने अपने निजी ईमेल अकाउंट के जरिए बिना अनुमति कंपनी का अहम डेटा ट्रांसफर किया.
डेटा चोरी की आशंका पर पूछताछ के बाद अधिकारी को किया बर्खास्त
आशुतोष निगम कंपनी में सीनियर मैनेजर–रिसर्च साइंटिस्ट के पद पर कार्यरत थे. कंपनी को जब डेटा चोरी की आशंका हुई और आरोपी से पूछताछ की गई, तो उसने वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से डेटा एक्स-फिल्ट्रेशन की बात स्वीकार की. इसके बाद कंपनी ने 3 दिसंबर, 2025 को उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया.
कंपनी का दावा है कि चोरी किए गए सॉफ्टवेयर और सोर्स कोड की अनुमानित कीमत करीब 8 मिलियन यूरो (लगभग 87 करोड़ रुपये) है. इस घटना से कंपनी को भारी व्यावसायिक नुकसान हुआ है और उसकी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी पर सीधा खतरा उत्पन्न हो गया है.
पुलिस ने किन-किन धाराओं में दर्ज की FIR
पुलिस ने मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धाराओं 65, 66, 66(C) और 66(D) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने इस संबंध में अदालत में भी एक रिपोर्ट पेश की है. जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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