DS NEWS | The News Times India | Breaking News
पहला भारतीय कप्तान… जिसने टीम इंडिया को विदेश में टेस्ट सीरीज में दिलाई थी जीत
Sports

पहला भारतीय कप्तान… जिसने टीम इंडिया को विदेश में टेस्ट सीरीज में दिलाई थी जीत

Advertisements


Mansoor Ali Khan Pataudi: भारतीय क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने खेल के प्रति नजरिए को ही बदल दिया। उन्हीं में से एक थे मंसूर अली …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 06 Jan 2026 01:33:03 PM (IST)Updated Date: Tue, 06 Jan 2026 01:33:03 PM (IST)

Mansoor Ali Khan Pataudi: मंसूर अली खान पटौदी

HighLights

  1. पटौदी की कप्तानी में भारत ने विदेशों में जीती पहली टेस्ट सीरीज
  2. एक आंख की रोशनी जाने के बाद भी जड़े 6 शतक, की बेमिसाल फील्डिंग
  3. मात्र 21 साल की उम्र में बने थे टीम इंडिया के सबसे युवा कप्तान

स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने खेल के प्रति नजरिए को ही बदल दिया। उन्हीं में से एक थे मंसूर अली खान पटौदी (Mansoor Ali Khan Pataudi), जिन्हें दुनिया आज भी ‘टाइगर पटौदी’ के नाम से याद करती है। 5 जनवरी 1941 को जन्मे पटौदी को भारतीय क्रिकेट में एक रणनीतिकार और साहसी कप्तान के रूप में पूजा जाता है।

विदेशी धरती पर पहली जीत का श्रेय

पटौदी की सबसे बड़ी उपलब्धि यह थी कि उन्होंने भारतीय टीम को विदेशों में पहली टेस्ट सीरीज जीत दिलाई। उनकी कप्तानी में भारत ने 1967-68 में न्यूजीलैंड को उसी के घर में हराकर इतिहास रचा था। उन्होंने कुल 40 टेस्ट मैचों में टीम इंडिया का नेतृत्व किया, जिनमें से 9 में जीत दर्ज की।

एक आंख से खेली शानदार क्रिकेट

महज 20 साल की उम्र में इंग्लैंड में हुए एक कार हादसे ने उनकी दाहिनी आंख की रोशनी छीन ली थी। डॉक्टरों ने उनका करियर खत्म मान लिया था, लेकिन हार न मानते हुए उन्होंने मैदान पर वापसी की। एक आंख से गेंद को देखने में परेशानी के बावजूद उन्होंने 46 टेस्ट मैचों में 6 शतकों के साथ 2793 रन बनाए। उनकी फील्डिंग भी उस दौर में बेमिसाल मानी जाती थी।

सबसे युवा नवाब और कप्तान

राजघराने से ताल्लुक रखने वाले मंसूर अली खान, बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के पिता थे। उन्हें क्रिकेट विरासत में मिली थी; उनके पिता इफ्तिखार अली खान भारत और इंग्लैंड दोनों देशों के लिए खेले थे। पिता के निधन के बाद 11 साल की उम्र में वे नवाब बने। वहीं, 1962 में नारी कॉन्ट्रैक्टर के चोटिल होने के बाद, महज 21 साल की उम्र में उन्हें टीम इंडिया की कप्तानी सौंपी गई, जिससे वे उस समय के सबसे युवा भारतीय कप्तान बने।



Source link

Related posts

WCL 2025 IND vs PAK: सेमीफाइनल में युवराज सिंह की India Champions और पाकिस्तान की टीम आमने-सामने, क्या भारत यह मैच खेलेगा?

DS NEWS

IND vs ENG 4th Test: ऋषभ पंत की चोट और मौसम ने बढ़ायी भारतीय टीम के लिए परेशानी

DS NEWS

IND vs PAK: अब तक 12 बार फाइनल में हो चुकी भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत, इस टीम का पलड़ा रहा भारी

DS NEWS

Leave a Comment

DS NEWS
The News Times India

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy