फेमस सिंगर जुबिन गर्ग की मौत रहस्य दिन-ब-दिन उलझता ही जा रहा है. सिंगापुर में 19 सितंबर 2025 को उनकी मौत हुई. उनके शव को सेंट जॉन्स आइलैंड के पास पानी से बेहोशी की हालत में निकाला गया था. असम पुलिस की 10 सदस्यी एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है.
इस मामले में नया ट्विस्ट तब आ गया जब जुबिन गर्ग के बैंड के एक साथी ने उनकी मौत को लेकर साजिश रचने का आरोप लगाया. उन्होंने बताया कि जुबिन गर्म की मौत पर पर्दा डालने की बहुत कोशिश की गई, जो नाकाम रही.
‘जुबिन गर्ग को दिया गया जहर’
सीएनएन न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में मुख्य गवाह शेखर ज्योति गोस्वामी ने सिद्धार्थ शर्मा और श्यामकानु महंत नामक दो शख्स पर जुबिन गर्ग को जहर देने का आरोप लगाया है. उन्होंने इस मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने ये बातें कही है. एसआईटी ने शुक्रवार (3 अक्तूबर 2025) को नार्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल आयोजन टीम के तीन सदस्यों से पूछताछ की, जिसमें ज्योति गोस्वामी भी शामिल थे.
ऑर्गेनाइजर और जुबीन के मैनेजर गिरफ्तार
एसआईटी ने पहले ही शक के घेरे में आए करीब 12 लोगों को नोटिस जारी किया है. इनमें फेस्टिवल ऑर्गेनाइजर श्यामकानू महंता और जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा का नाम सबसे आगे है. श्यामकानू महंता और सिद्धार्थ शर्मा को गिरफ्तार कर पहले ही गुवाहाटी कोर्ट में पेश किया गया जहां दोनों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. दोनों पर गैर-इरादतन हत्या, आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है.
‘जुबिन के नाक और मुंह से निकल रहा था जहर’
रिपोर्ट के अनुसार शेखर ज्योति ने दावा किया कि सिंगापुर में सिद्धार्थ शर्मा को संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त देखा गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया, “जब जुबिन डूब रहे थे तब उनके मुंह और नाक से झाग निकल रहा था. इसके बावजूद लापरवाही बरती गई और उन्हें तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया गया. इसे एसिड रिफ्लक्स समझकर इग्नोर कर दिया गया.” उन्होंने कहा कि जुबिन बहुत अच्छे तैराक थे पानी में स्वाभाविक रूप से डूबने से उनकी मौत नहीं हो सकती.
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