DS NEWS | The News Times India | Breaking News
योग, आयुर्वेद और एलोपैथी का संगम! अमित शाह ने किया पतंजलि के पहले हाइब्रिड हॉस्पिटल का उद्घाटन
India

योग, आयुर्वेद और एलोपैथी का संगम! अमित शाह ने किया पतंजलि के पहले हाइब्रिड हॉस्पिटल का उद्घाटन

Advertisements


Haridwar Medical News: भारत के चिकित्सा इतिहास में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ द्वारा संचालित विश्व के प्रथम ‘इंटीग्रेटेड हाइब्रिड’ इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का लोकार्पण किया. इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.

यह अस्पताल अपनी तरह का पहला केंद्र है जहां योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को आधुनिक एलोपैथी के साथ एकीकृत किया गया है. उद्घाटन के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने अस्पताल का निरीक्षण किया और इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारत अब शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व का मार्गदर्शक बनेगा. उन्होंने इसे ‘इंटीग्रेटेड हॉलिस्टिक ट्रीटमेंट’ के नए युग की शुरुआत बताया.

अत्याधुनिक सुविधाएं और विशेषज्ञ सेवाएं

250 बेड की क्षमता वाले इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और जनरल सर्जरी जैसे विभाग 24×7 कार्यरत रहेंगे. यहां फिलिप्स अज़ुरियन जैसी उच्च-स्तरीय कैथ लैब, एमआरआई, सीटी स्कैन और डायलिसिस की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि अस्पताल का उद्देश्य उन जटिल स्थितियों को संभालना है जहाँ रोगी को तत्काल ‘मॉडर्न लाइफ सपोर्ट’ की आवश्यकता होती है.

गैर-जरूरी सर्जरी का विरोध

स्वामी रामदेव ने स्पष्ट किया कि पतंजलि गैर-जरूरी दवाओं, ऑपरेशनों और टेस्ट्स का विरोधी है. उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य 90 से 99% रोगियों को योग, आयुर्वेद और आहार पद्धति से ठीक करना है. सर्जरी और स्टेंट का सहारा केवल तभी लिया जाएगा जब स्थिति अत्यंत गंभीर हो.”

उन्होंने दावा किया कि पतंजलि ने ईएमआर डेटा और क्लिनिकल एविडेंस के माध्यम से बीपी, डायबिटीज और लिवर सिरोसिस जैसी बीमारियों को ‘रिवर्स’ करने में सफलता प्राप्त की है.

वैश्विक शोध का केंद्र

पतंजलि वर्तमान में दिल्ली और ऋषिकेश एम्स सहित विश्व के 25 बड़े चिकित्सा संस्थानों के साथ मिलकर शोध कर रहा है. 500 वैज्ञानिकों की टीम ने साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई है. इस अस्पताल के माध्यम से गरीब मरीजों को कम खर्च में विश्वस्तरीय इलाज सुनिश्चित किया जाएगा. यह अस्पताल न केवल बीमारियों का उपचार करेगा, बल्कि भारत को दुनिया का ‘हेल्थ डेस्टिनेशन’ बनाने के सपने को भी साकार करेगा.



Source link

Related posts

एक्सिस म्यूचुअल फंड फ्रंट-रनिंग स्कैम: ED की कई बड़े शहरों में छापेमारी

DS NEWS

उत्तर-पूर्व मानसून ने पकड़ी रफ्तार, तमिलनाडु के 8 जिलों में ‘रेड’ अलर्ट, CM स्टालिन का फैसला

DS NEWS

चिकन को लेकर यूनिवर्सिटी में मचा बवाल, छात्रों के बीच झड़प, खूब चले लात-घूंसे

DS NEWS

Leave a Comment

DS NEWS
The News Times India

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy