West Bengal News: कोलकाता के पार्क स्ट्रीट थाना क्षेत्र के एजीसी बोस रोड इलाके में संपत्ति विवाद ने एक परिवार को तबाह कर दिया. यहां छोटे भाई पर बड़े भाई की हत्या का आरोप लगा है. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
क्या है पूरा मामला
मृतक की पहचान 55 साल की नीरज जायसवाल के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, नीरज और उनके छोटे भाई धीरज जायसवाल (53) के बीच लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था. मंगलवार को यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच हाथापाई हो गई. आरोप है कि धीरज ने गुस्से में आकर नीरज को धक्का दिया और पीटा, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े.
गिरने के बाद नीरज गंभीर रूप से घायल हो गए. परिजन उन्हें तुरंत एनआरएस अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक, सिर और शरीर में आई गंभीर चोटें मौत का कारण हो सकती हैं. हालांकि, अंतिम पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी.
आरोपी की गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलते ही पार्क स्ट्रीट थाना पुलिस मौके पर पहुंची. प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने मंगलवार रात ही धीरज जायसवाल को अनैच्छिक हत्या की धारा में गिरफ्तार कर लिया. आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि नीरज कैसे गिरे और उन्हें कहां-कहां चोटें आईं? क्या गिरने से लगी चोटें ही मौत का कारण बनीं? दोनों भाइयों के बीच विवाद का सटीक कारण क्या था? घटना के वक्त मौके पर और कौन-कौन मौजूद था? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है.
इस साल की शुरुआत में भी हुई थी ऐसी घटना
यह पहली बार नहीं है जब कोलकाता में संपत्ति विवाद ने भाई-भाई के रिश्ते को खून में बदल दिया हो. इस साल मार्च में बेलेघाटा इलाके में भी ऐसी ही एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी. बेलेघाटा में 27 साल की रोहन मंडल का शव एक फ्लैट से बरामद हुआ था.
शुरुआत में मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. पुलिस ने पाया कि रोहन की हत्या उसके ही बड़े भाई अभिजीत मंडल ने की थी. दोनों के बीच फ्लैट बेचने को लेकर विवाद चल रहा था. पुलिस के अनुसार, अभिजीत ने फ्लैट बेचने के लिए पहले ही एडवांस ले लिया था, लेकिन रोहन इसके लिए राजी नहीं था. इसी बात पर दोनों में बहस हुई और गुस्से में अभिजीत ने सब्जी काटने वाले चाकू से रोहन की हत्या कर दी.
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
हत्या के बाद अभिजीत ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की. उसने दावा किया कि रोहन मानसिक तनाव में था और पहले आत्महत्या की कोशिश कर चुका था. इतना ही नहीं, वह हत्या के बाद भी मौके पर मौजूद रहा और छोटे भाई का अंतिम संस्कार भी उसी ने किया. पार्क स्ट्रीट और बेलेघाटा की ये घटनाएं दिखाती हैं कि संपत्ति विवाद किस तरह पारिवारिक रिश्तों को खत्म कर रहा है. पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में समय रहते समझौता और कानूनी रास्ता अपनाना जरूरी है, ताकि किसी की जान न जाए.


