पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव होना है. इलेक्शन की घोषणा से पहले निर्वाचन आयोग एक्शन मोड में है. पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) संबंधी कार्यों में लापरवाही को लेकर माइक्रो ऑब्जर्वरों पर गाज गिरी है. इन सभी पर एसआईआर के दौरान अपनी जिम्मेदारियों का ठीक से निर्वहन न करने और गंभीर गड़बडि़यों मे शामिल होने जैसे आरोप है. पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है.
पश्चिम बंगाल में तीन माइक्रो ऑब्जर्वर निलंबित
निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त किए गए मतदाता सूची पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई हुई है. पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दोपहर तीन माइक्रो ऑब्जर्वर को निलंबित कर दिया है. चुनाव आयोग ने प्रतिनियुक्ति पर एसआईआर के काम में जुटे माइक्रो ऑब्जर्वर को निर्देश दिया है कि वह अपने काम को ईमानदारी और निष्ठा के साथ पूरा करें और इसे किसी को न सौंपें. चुनाव आयोग ने ऐसा करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है.
बता दें, वोटर लिस्ट को लेकर चल रही एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल के कई जिलों से ड्रॉफ्ट लिस्ट में गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी. इसके बाद निर्वाचन आयोग ने राज्य में माइक्रो ऑब्जर्बर की तैनाती के आदेश दिए. आयोग ने यह कदम मतदाता सूची से जुड़ी गड़बड़ियों को खत्म करने के लिहाज से उठाया है.
28 फरवरी को जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट
आयोग के शुरुआती अनुमानों के अनुसार करीब 6 लाख 61 हजार वोटर्स के नाम राज्य की वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं. नोटिस मिलने के बाद भी लगभग 4 लाख 98 हजार मतदाता सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुए. आयोग ने बताया कि लगभग 15 लाख वोटर्स के डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन होना बाकी है. इसके अलावा, लगभग 50 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों को रि-वेरिफिकेशन के लिए भेजा गया है. अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी.


