रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हो गए हैं. क्रेमलिन ने इस दौरे को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि भारत और रूस के बीच ये संपर्क अत्यधिक महत्व रखते हैं. अपने दौरे के दौरान रूसी प्रतिनिधिमंडल भारतीय अधिकारियों के साथ राजनीतिक, व्यापार और आर्थिक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, तथा सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग पर व्यापक चर्चा करेगा. इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बातचीत होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आवास पर पुतिन का अनौपचारिक वन-टू-वन बैठक के लिए स्वागत करेंगे. अगले दिन राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित होगा, जिसमें पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी. इसके बाद कार्यक्रम में भारत-रूस वार्ता (सीमित और विस्तारित प्रारूप में), प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित औपचारिक दोपहर भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम, भारत की राष्ट्रपति से मुलाकात और पुतिन के सम्मान में राजकीय सत्कार शामिल होगा.
पुतिन रूस-भारत बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे और महात्मा गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे. दोनों देशों के बीच 10 अंतर-सरकारी दस्तावेजों तथा 15 से अधिक व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक समझौतों और MoUs पर हस्ताक्षर की तैयारी की जा रही है. पुतिन की यह यात्रा राजकीय यात्रा के सर्वोच्च दर्जे की है, जो कूटनीतिक प्रोटोकॉल के सबसे ऊंचे सम्मान को दर्शाती है. परंपरा के अनुसार, ऐसी यात्राएँ कई दिनों तक चलती हैं और इनमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित व्यापक गतिविधियाँ शामिल होती हैं.


