मणिपुर में एक फिर हिंसा ने विकराल रूप लिया है. उखरुल के लिटान गांव में गोलियां चलने की खबर है. करीब 30 से ज्यादा घरों को आग के हवाले किया गया है. आगजनी के बाद लोग घर छोड़कर भाग गए. जानकारी के मुताबिक इलाके में इंटरनेट सेवा को 5 दिन के लिए बंद किया गया है. जिससे हिंसा और अफवाहों पर लगाम लगाई जा सके. हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पूरे जिले में कर्फ्यू लगाया है.
अधिकारियों के मुताबिक हथियारों से लैस समूह ने पहाड़ी गांव के पास कई राउंड फायरिंग की. जिससे इलाका थर्रा गया. गोलीबारी की आवाज सुनकर स्थानीय लोग अपना सामान और घर छोड़कर पड़ोसी गांव कांगपोकपी जिले की ओर भाग गए. तांगखुल गांव के लोगों के भी गांव छोड़ने की जानकारी सामने आई है.
#WATCH मणिपुर | तांगखुल और कुकी जनजातियों के बीच हाल ही में हुई हिंसक झड़प के बाद उखरुल के लिटन गांव में सिक्योरिटी फोर्स मौजूद हैं।
जिले में खराब कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण उखरुल जिले में 5 दिनों के लिए इंटरनेट बंद कर दिया गया है। pic.twitter.com/w2z5eojtSB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 10, 2026
हालात बिगड़ते देखकर काननून व्यवस्था को संभालते हुए मणिपुर सरकार के होम सेक्रेटरी ने सार्वजनिक सुरक्षा और शांति को ध्यान में रखते हुए 5 दिन के लिए इंटरनेट सर्विस को बंद करने का आदेश जारी किया है. आदेश में कहा गया है कि हाल में हुई घटनाओं के चलते अशांत की स्थिति बढ़ी है. ऐसे में गलत जानकारी फैलने से तनाव की स्थिति बढ़ सकती है. अखरुल जिले के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगाया गया है, हिंसा पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बढ़ाई गई है.
प्रशासन के मुताबिक हिंसा की चिंगारी शनिवार (7 फरवरी) से ही सुलगने लगी थी. इस दौरान लीटन गांव में करीब 7 से 8 लोग तांगखुल नागा समुदाय के एक शख्स के साथ कथित तौर पर मारपीट करने लगे. समाधान की उम्मीद थी लेकिन रविवार को बैठक नहीं हो पाई. इसी बीच सोमवार देर रातकुछ हथियारधारी बदमाशों ने लीटन सारईखोंग में तांगखुल नागा समुदाय के घरों को आग के हवाले कर दिया, जवाब में नाग समुदाय ने कुकी समुदाय के घरों को निशाना बनाया.


