वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार (11 अगस्त, 2025) को कहा कि 25 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ शुल्क का असर अमेरिका को भारत के कुल व्यापारिक निर्यात के लगभग 55 प्रतिशत पर होगा. लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह जानकारी दी.
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों, उद्यमियों, निर्यातकों, एमएसएमई के कल्याण की रक्षा और संवर्धन को सर्वोच्च महत्व देती है और हमारे राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी. उन्होंने कहा, ‘मांग, गुणवत्ता और संविदात्मक व्यवस्थाओं जैसे विभिन्न कारक भारत के निर्यात पर प्रभाव को निर्धारित करेंगे.’
7 अगस्त से 25 प्रतिशत टैरिफ शुल्क
मंत्री से सवाल किया गया था कि क्या सरकार ने भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका के पारस्परिक टैरिफ के प्रभाव का कोई आकलन किया है? उन्होंने बताया कि अनुमान है कि अमेरिका को भारत के कुल निर्यात मूल्य का लगभग 55 प्रतिशत इस पारस्परिक टैरिफ के अधीन होगा.
उन्होंने कहा कि भारत से अमेरिका को निर्यात की जाने वाली कुछ वस्तुओं पर 7 अगस्त से 25 प्रतिशत की दर से जवाबी शुल्क लगाने का प्रस्ताव है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 27 अगस्त से प्रभावी होने वाले अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क की भी घोषणा की है. इसके साथ ही, भारतीय वस्तुओं पर कुल शुल्क अब 50 प्रतिशत हो गया है.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर का टैरिफ को लेकर प्रतिक्रिया
वहीं अमेरिका के निर्यात शुल्क बढ़ाने को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी प्रतिक्रिया दी थी. भारत पर हाल ही में लगाए गए लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा था कि भारत को भी अपने हितों की रक्षा करनी चाहिए.
थरूर ने कहा कि जो हो रहा है वह चिंताजनक है. एक ऐसा देश जिसके साथ हमारे घनिष्ठ संबंध थे और हम रणनीतिक साझेदार के रूप में काम कर रहे थे, अगर उस देश ने अपना व्यवहार बदला है तो भारत को कई चीजों पर विचार करना होगा. शायद आने वाले दो-तीन हफ्तों में हम बातचीत कर सकें और कोई रास्ता निकाल सकें.
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