अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत, चीन और बांग्लादेश सहित 16 बड़े व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ नई व्यापार जांच शुरू की है. यह जांच Trade Act 1974 के Section 301 के तहत की जा रही है. इस कानून के तहत अमेरिका किसी भी देश पर टैरिफ यानी आयात शुल्क बढ़ाने का अधिकार रखता है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की तरफ से लगाए गए टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था. अमेरिकी प्रशासन के तरफ से नए जांच के फैसले को लेकर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है.
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि ट्रंप के आगे मोदी का ‘सरेंडर देश पर भारी पड़ रहा है. वहीं एक दूसरे ट्वीट में कांग्रेस ने लिखा कि नरेंद्र मोदी ने महंगाई का डबल डोज दे दिया है. पहले LPG के दाम बढ़े- अब खाने वाले तेल की कीमत भी आसमान छू रही है. कांग्रेस ने बताया कि सरसों और रिफाइंड तेल 30 रुपए लीटर महंगा हो गया है. उन्होंने आगे लिखा कि जनता पर महंगाई मैन मोदी का कहर बरस रहा है.
बता दें कि अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था. इसके अलावा रूस से तेल खरीदने की वजह से अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाया था, जो कुल मिलाकर 50 फीसदी हो गया था. हालांकि, अमेरिका-भारत ट्रेड डील के बाद 50 फीसदी टैरिफ घटाकर 18 फीसदी तक कर दिया गया. हालांकि, इस बीच अमेरिका ने बयान जारी कर कहा कि हम भारत पर 18 फीसदी टैरिफ लगाएंगे, लेकिन हम भारत को किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं देंगे. इस घटना के बाद से विपक्षी दल लगातार बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रही है. वहीं मौजूदा वक्त में मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच तेल और गैस की भारी किल्लत हो गई है. इसको लेकर भी मोदी सरकार लगातार निशाने पर है.
ट्रंप के आगे मोदी का ‘सरेंडर’
देश पर भारी पड़ रहा है pic.twitter.com/uYRyMPzxej
— Congress (@INCIndia) March 12, 2026
डोनाल्ड ट्रंप का बयान
देश के विपक्षी दल का आरोप है कि भारत सरकार अमेरिका के सामने झुक गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसा पीएम मोदी को कह रहे हैं वैसा ही वह कर रहे हैं. हाल ही में अमेरिका ने भारत को रूस से 30 दिनों तक तेल खरीदने की छूट दी है. इसको लेकर खुद डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए घोषणा की थी. वहीं इंडियन ओसिएन में ईरानी जहाज को अमेरिका ने निशाना बनाया था, जिसमें 100 से ज्यादा ईरानी नेवी के जवान मारे गए थे. हैरानी की बात ये रही कि ये वहीं IRIS डेना जहाज थी, जो भारत के निमंत्रण पर आया था और वापस अपने देश लौट रहा था. हालांकि, अमेरिकी सबमरीन ने श्रीलंका के पास उसपर हमला कर तबाह कर दिया था. इस मुद्दे पर भी भारत सरकार ने अमेरिका को सीधा जवाब नहीं दिया था.


