अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अधिकार को सीमित करने वाला वॉर पावर्स प्रस्ताव पास नहीं हो सका. इस प्रस्ताव के मुताबिक ईरान के खिलाफ आगे किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले कांग्रेस की मंजूरी जरूरी बताई गई थी, लेकिन अधिकतर रिपब्लिकन सांसदों ने इसका विरोध किया. अलजजीरा ने ये जानकारी दी है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने 1979 की ईरानी क्रांति के बाद ईरान के विपक्ष का जिक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में लगातार तनाव बढ़ा हुआ है, लेविट ने ये भी कहा कि पिछले अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान ईरान के मामले में नरमी बरती जा रही थी, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर सख्ती के साथ कदम बढ़ाए हैं.
अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास जंगी जहाज को डुबोया
अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार (4 मार्च) को जंग और तेज हो गई. जब एक अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास ईरान के एक जंगी जहाज को डुबो दिया. इस हमले में कम से कम 80 लोगों के मारे जाने की खबर है. इसी दौरान नाटो के एयर डिफेंस सिस्टम ने तुर्किये की ओर से दागी गई ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को भी मार गिराया. यह सब उस समय हुआ है, जब अमेरिका और इजरायल के सैन्य अभियान को 5 दिन बीत चुके हैं और इसमें सैंकड़ों लोगों की जानें गईं हैं और हजारों लोग घायल हुए हैं.
हिजबुल्लाह भी इजरायल पर कर रहा वॉर
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से ईरानी प्रॉक्सी संगठन हिजबुल्लाह भी इस जंग में कूद गया है. हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर हमला करते हुए अब हाइफा को निशाना बनाया है. हमले के बाद हाइफा और तेल अवीव में सायरन बजने लगे हैं. इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नॉर्दर्न कमांड ने लेबनान सीमा और उत्तरी गोलान हाइट्स के फ्रंटलाइन इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने और अगले आदेश तक वहीं रहने का निर्देश दिया है.
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