अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार (29 दिसंबर, 2025) को देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की नस्लीय हत्या के मामले की निंदा की. उन्होंने कहा कि यह देश के लिए बहुत शर्मनाक घटना है. ऐसी घटना कभी भी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि देहरादून में जो घटना हुई है, उस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कदम उठा रहे हैं. इस पर पुलिस की सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि किसी का भी मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए. कोई भी घटना देश के लिए दुखद घटना होती है. अगर देश में ऐसी कोई भी घटना होती है तो पूरे समाज को मिलकर उसके खिलाफ लड़ना चाहिए.
यह सोच की बीमारी कुछ लोगों में होती है- रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘उत्तराखंड सरकार ने सतर्कता बरती है और शायद 5 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है. नॉर्थ ईस्ट के लोगों की सुरक्षा होनी चाहिए. जब PM मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तो 20-40 घटनाएं नॉर्मल थीं, लेकिन दिल्ली स्पेशल यूनिट बनने से घटनाओं की संख्या कम हो गई. यह सोच की बीमारी कुछ ही लोगों में होती है, इसके लिए जागरूकता जरूरी है.’
सिर्फ नॉर्थ ईस्ट नहीं, इस पर सभी को दुख होना चाहिए – रिजिजू
उन्होंने कहा, ‘किसी भी जाति, नस्ल या धर्म के किसी का भी मजाक क्यों उड़ाया जाए? सिर्फ नॉर्थ ईस्ट के लोगों को ही नहीं, बल्कि सभी को इस पर दुख होना चाहिए, क्योंकि यह किसी के भी साथ हो सकता है. ऐसी एक भी घटना नहीं होनी चाहिए. हम देश में नस्लवाद का निशाना रहे हैं. आज भी दूसरे देशों में जिनकी स्किन गोरी नहीं होती, उन्हें टारगेट किया जाता है, लेकिन देश के अंदर ऐसा नहीं होना चाहिए. यह अलग-अलग सोच वाला देश है, यहां अलग-अलग सोच और धर्म के लोग हैं.’
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