DS NEWS | The News Times India | Breaking News
TMC सांसद समीरुल इस्लाम ने नागरिक आय को लेकर संसद में पूछा सवाल, जानें सरकार ने क्या कहा?
India

TMC सांसद समीरुल इस्लाम ने नागरिक आय को लेकर संसद में पूछा सवाल, जानें सरकार ने क्या कहा?

Advertisements


संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष के सांसद भी कई मुद्दों को लेकर लगातार केंद्र की मोदी सरकार से सवाल पूछ रहे हैं. जिसका सरकार की ओर से आंकड़ों सहित जवाब दिया जा रहा है. इसी कड़ी में सोमवार (9 फरवरी, 2026) को संसद के उच्च सदन राज्यसभा में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद समीरुल इस्लाम ने भी केंद्र सरकार से नागरिकों के आय से संबंधित कई सवाल किए.

टीएमसी सांसद के सवाल का केंद्र सरकार की ओर से सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय में केंद्रीय राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार), योजना मंत्रालय में केंद्रीय राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) और संस्‍कृति मंत्रालय केंद्रीय राज्‍य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने आंकड़ों के साथ जवाब दिया.

TMC सांसद ने सरकार से क्या पूछा सवाल?

राज्यसभा में TMC सांसद समीरुल इस्लाम ने पूछा कि क्या योजना मंत्री यह बताएंगे कि क्या यह तथ्य है कि जनसंख्या के शीर्ष 1 प्रतिशत वर्ग की औसत आय निचले 50 प्रतिशत वर्ग की तुलना में लगभग 150 गुना है? इसके साथ ही, क्या यह भी तथ्य है कि जनसंख्या के शीर्ष 10 प्रतिशत को कुल आय का 57.75 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त होता है, जबकि निचले 50 प्रतिशत जनसंख्या को केवल 15 प्रतिशत आय का हिस्सा मिलता है?

केंद्रीय मंत्री ने टीएमसी सांसद के सवाल का दिया जवाब

सदन में टीएमसी सांसद समीरुल इस्लाम के सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि भारत में आय के वर्ग-वार वितरण से संबंधित आंकड़ों का केंद्रीय स्तर पर संकलन नहीं किया जाता है. फिर भी, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से इकट्ठा किए गए घरेलू उपभोग व्यय आंकड़ों का इस्तेमाल उपभोग व्यय के आधार पर आर्थिक असमानता को मापने के लिए एक संकेतक (प्रॉक्सी) के रूप में किया जा सकता है.

मंत्री ने जानकारी दी कि नए घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (2023-24) के अनुसार, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आय असमानता में कमी आई है. ग्रामीण क्षेत्रों में गिनी गुणांक 2022-23 के 0.266 से घटकर 0.237 हो गया है और शहरी क्षेत्रों में यह 0.314 से घटकर 0.284 हो गया है.

उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक प्रवृत्ति विश्व बैंक के आकलन (इंडिया पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ, अप्रैल 2025) रिपोर्ट से भी पुष्ट होती है. इसके अनुसार, भारत का गिनी सूचकांक 25.5 है, जबकि 2011-12 में यह 28.8 था, जिससे भारत आय समानता के मामले में वैश्विक स्तर पर चौथे स्थान पर है.



Source link

Related posts

‘AI और डीपफेक से बच्चों की सुरक्षा के लिए बने सख्त कानून’, जस्टिस नागरत्ना का केंद्र को सुझाव

DS NEWS

T-20 वर्ल्ड कप में भारत संग खेलने पर पाकिस्तान की No, कीर्ति आजाद बोले- ‘मरता, क्या न करता…’

DS NEWS

मौलाना महमूद मदनी ने विपक्षी सांसदों के लिए दिल्ली के शांगरी-ला होटल में रखा डिनर, ये हुए शामिल

DS NEWS

Leave a Comment

DS NEWS
The News Times India

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy