तमिल अभिनेता और राजनेता विजय की पार्टी तमिलनाडु वेत्री कझगम (टीवीके) की एक विशाल रैली में शनिवार (27 सितंबर, 2025) की शाम को अचानक भगदड़ मच गई. इसमें 36 लोग मारे गए और लगभग 40 लोग घायल हुए हैं, जिसमें 6 बच्चे भी शामिल हैं. भगदड़ की यह घटना करूर-इरोड राजमार्ग पर वेलुसामीपुरम में हुई.
भगदड़ इतनी भयानक थी कि बच्चे अपने परिवारों से बिछड़ गए और स्वयंसेवकों और पुलिस के हस्तक्षेप से पहले ही कई बच्चों को कुचल दिया गया. इस बीच राजनेता विजय अपना भाषण रोकते, बेहोश हो रहे समर्थकों को पानी की बोतलें बांटते और पुलिस से मदद की गुहार लगाते हुए दिखाई दिए. वहीं एक मौके पर, अभिनेता को अफरा-तफरी के बीच एक 9 साल की लापता बच्ची को ढूंढ़ने के लिए पुकारते हुए देखा गया.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया पूरा सच
प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि शाम करीब 7.45 बजे हंगामा शुरू हुआ, जब एक्टर और नेता विजय की एक झलक पाने के लिए उत्सुक भीड़ का एक बड़ा हिस्सा मंच के बैरिकेड्स की ओर टूट पड़ा. इस घुटन भरी भीड़ में कई लोग बेहोश हो गए.
प्रत्यक्षदर्शियों ने ये भी बताया कि अचानक बिजली गुल होने से कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई. विजय का भाषण सुनने के लिए इकट्ठा हुए हजारों लोग भीड़ में फंस गए. घटना से पहले, विजय अवैध रेत खनन, खनिज चोरी और करूर को प्रभावित करने वाले अन्य नागरिक मुद्दों सहित स्थानीय शिकायतों को लेकर बात कर रहे थे.
करूर रैली में अनुमान से अधिक भीड़ इकट्ठा
कई कार्यकर्ताओं ने स्थिति को भांप लिया और शोर मचाया. इस पर विजय ने ध्यान दिया और अपना भाषण रोककर, खासतौर पर बनाई गई प्रचार बस के ऊपर से लोगों तक पानी की बोतलें पहुंचाने की कोशिश की. एम्बुलेंस को भीड़-भाड़ वाली सड़क से होते हुए घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
जिला अधिकारियों ने पहले पुष्टि की थी कि 10 लोगों की मौत हुई है, लेकिन बाद में अस्पतालों की ओर से रिपोर्ट दर्ज किए जाने के बाद मृतकों की संख्या बढ़ती गई. कम से कम 30 घायलों को फ्रैक्चर और सांस लेने में तकलीफ हुई है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि करूर रैली में शुरुआती अनुमान से कहीं अधिक भीड़ जुट गई थी.
स्वयंसेवकों ने लोगों को आगे बढ़ने के लिए उकसाया
बता दें कि विजय के मंच पर आने से पहले टीवीके के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सभा को संबोधित किया. विजय मक्कल इयक्कम के पूर्व समन्वयक बुस्सी आनंद और करूर जिला प्रभारी के. रमेश सहित कई नेताओं ने संक्षिप्त भाषण देकर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया. विजय के मंच पर आते ही उत्साह इतना बढ़ गया कि उनके समर्थक उनके करीब पहुंचने के लिए तेजी से आगे बढ़ने लगे.
स्थानीय रिपोर्टरों के अनुसार, पुलिस ने विजय की रैली के मंच के आसपास बफर जोन न होने पर आपत्ति जताई थी. कथित तौर पर, जब विजय ने बोलना शुरू किया तो कुछ स्वयंसेवकों ने लोगों को आगे बढ़ने के लिए उकसाया, जिससे भीड़ और बढ़ गई.
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