तेलंगाना के कामारेड्डी जिला केंद्र में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक पुल्लां वेंकट रमण रेड्डी के कैंप कार्यालय के परिसर में दो विरोधी राजनीतिक दलों के बीच तीखी झड़प और तनाव का माहौल बन गया. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है, इस हिंसक भिड़ंत में एक कार को पलट दिया गया और पुलिस को हालात को संभालने के लिए लाठीचार्ज और नियंत्रण का सहारा लेना पड़ा. मामला जमीन कब्जे के गंभीर आरोपों और उसके बाद दिए गए चुनौती भरे बयान का नतीजा था, जिसने आमने-सामने की लड़ाई का रूप ले लिया.
क्यों बने ऐसे हालात, क्या है पूरा मामला?
घटना का सूत्रपात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद अली शब्बीर द्वारा बीजेपी विधायक वेंकट रमण रेड्डी पर लगाए गए भूमि कब्जे के आरोपों से शुरू हुआ. शब्बीर अली ने आरोप लगाया था कि विधायक ने ‘अरोरा’ स्थित भूमियों पर अवैध कब्जा किया है. इन आरोपों के जवाब में विधायक वेंकट रमण रेड्डी ने न केवल आरोपों को खारिज किया, बल्कि शब्बीर अली को खुली चुनौती दी कि अगर उनके पास दम है तो वे उनके कैंप कार्यालय आकर चर्चा करें. इस चुनौती के बाद माहौल गर्मा गया और कांग्रेस नेताओं ने इसे स्वीकार करते हुए विरोध प्रदर्शन के लिए बाहर निकलने का फैसला किया.
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के पूर्व सरपंच और नेता गिरी रेड्डी महेंदर रेड्डी अपने समर्थकों के साथ बड़ी संख्या में विधायक के कैंप कार्यालय की ओर बढ़े. जैसे ही यह जुलूस कार्यालय के नजदीक पहुंचा, वहां मौजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनका रास्ता रोक दिया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखा विवाद शुरू हो गया जो जल्दी ही हाथापाई और तोड़फोड़ में बदल गया. इस दौरान भीड़ ने महेंदर रेड्डी की कार पर हमला कर दिया और जमकार धक्के देकर उसे पलट दिया, जिससे वाहन को भारी नुकसान पहुंचा.
पुलिस को मामला संभालने के लिए तत्काल कार्रवाई करना पड़ी
मौके पर हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को मामला संभालने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी. पुलिस बल ने दोनों पक्षों के बीच दूरी बनाने की कोशिश की, लेकिन तनाव था कि कम होने का नाम नहीं ले रहा था. अंततः, परिस्थितियों को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने कांग्रेस नेता महेंदर रेड्डी को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाने ले जाया गया. यह घटना कामारेड्डी की राजनीति में गहरी दरार और बढ़ती नफरत को दर्शाती है। इलाके में पिछले कुछ समय से चल रही इस राजनीतिक खींचतान ने अब हिंसक रूप ले लिया है. वर्तमान में पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है और आगे बढ़ने वाली कार्रवाई का जायजा ले रही है, जबकि दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों पर अड़े हुए हैं.


