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‘अगर पीरियड्स आए हैं तो सबूत दिखाओ’, कॉलेज लेट पहुंची स्टूडेंट तो लेक्चरर्स ने मारे ताने
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‘अगर पीरियड्स आए हैं तो सबूत दिखाओ’, कॉलेज लेट पहुंची स्टूडेंट तो लेक्चरर्स ने मारे ताने

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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के मलकाजगिरी स्थित सरकारी जूनियर कॉलेज से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है. इसने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते और शिक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अनुशासन के नाम पर की गई ‘मानसिक दरिंदगी’ का शिकार हुई इंटरमीडिएट की एक छात्रा वर्षिनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. 

आरोप है कि कॉलेज की दो महिला लेक्चरर्स ने छात्रा को उसकी निजता (Privacy) से जुड़े बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक सवाल पूछकर उसे इस कदर प्रताड़ित किया कि वह उस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सकी.

परिजनों ने लगाया मानसिक उत्पीड़न का आरोप

परिजनों का आरोप है कि, वर्षिनी किसी कारणवश एक दिन कॉलेज थोड़ी देरी से पहुंची थी. महज कुछ मिनटों की इस देरी पर कॉलेज की लेक्चरर श्री लक्ष्मी और मधुरिमा ने उसे डांटने के बजाय सभी सहपाठियों के सामने खड़ा कर दिया और उसका मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया. 

चश्मदीदों और परिजनों के दावों के मुताबिक, लेक्चरर्स ने सारी मर्यादाएं लांघते हुए छात्रा से पूछा, ‘इतनी देर क्यों हुई? क्या तुम्हें पीरियड्स आए हैं? नाटक मत करो, अगर सच है तो हमें इसका सबूत दिखाओ.’ भरी क्लास में इस तरह के भद्दे और व्यक्तिगत हमलों ने छात्रा के आत्मसम्मान को झकझोर कर रख दिया.

कॉलेज से घर लौटने के बाद वर्षिनी की मानसिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी थी. वह गहरे अवसाद में चली गई और बार-बार उसी अपमानजनक व्यवहार को याद कर रही थी. शाम को वह अचानक घर में बेहोश होकर गिर पड़ी. घबराए हुए माता-पिता उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों का प्राथमिक अनुमान है कि छात्रा की मौत अत्यधिक मानसिक आघात के कारण हुई है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है.

छात्र संगठनों और परिजनों का फूटा गुस्सा

इस दुखद घटना के बाद छात्र संगठनों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. मलकजगिरी सरकारी कॉलेज के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और आरोपी लेक्चरर्स श्री लक्ष्मी और मधुरिमा के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई और उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की मांग की.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षकों का यह व्यवहार न केवल अनैतिक है बल्कि अपराध की श्रेणी में आता है. पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. 

मारेड पल्ली पुलिस इंस्पेक्टर वेंकटेश ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि पोस्टमार्टम में छात्रा की मौत का कारण ब्रेन स्ट्रोक बताया गया है और यह घटना घर पर घटी है. यह प्राकृतिक मौत है. कॉलेज प्रबंधन का इसमें कोई दोष नहीं फिर भी परिजनों के कहने पर लेक्चरर के खिलाफ बीएनएस 194 के तहत शिकायत दर्ज की गई है.



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