Tamil Nadu News: तमिलनाडु के कोयंबटूर में एंटी-करप्शन ब्यूरो पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयंबटूर कॉर्पोरेशन के एक नल इंस्पेक्टर और एक प्लंबर को 5,000 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों को नया पानी का कनेक्शन देने के बदले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, केम्पट्टी कॉलोनी के एक घर के मालिक ने अपने घर के लिए नया पानी कनेक्शन लेने के लिए कोयंबटूर कॉर्पोरेशन कार्यालय में आवेदन किया था. बताया गया है कि सहायक आयुक्त ने इस कनेक्शन की अनुमति भी दे दी थी. इसके बाद गांधी पार्क वाटर टैंक के नीचे स्थित जल आपूर्ति कार्यालय में कार्यरत नल इंस्पेक्टर मोहन और प्लंबर ईश्वरन को कनेक्शन का काम सौंपा गया.
कनेक्शन देने के बदले 5,000 रुपये की रिश्वत मांगी
पीड़ित ने आरोप लगाया कि मोहन और ईश्वरन ने उसके घर में पानी की पाइपलाइन डालने और कनेक्शन देने के बदले 5,000 रुपये की रिश्वत मांगी. जब दोनों ने पहले पैसे देने पर जोर दिया तो घर के मालिक ने इसकी शिकायत तमिलनाडु एंटी-करप्शन ब्यूरो (DVAC) कार्यालय में दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर एंटी-करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर मुरुगेसन और प्रभुदास के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और निगरानी अभियान शुरू किया गया. योजना के तहत घर के मालिक को केमिकल पाउडर लगे 5,000 रुपये दिए गए, जिन्हें उसने नल इंस्पेक्टर मोहन को सौंपा. बताया गया कि मोहन ने यह रकम प्लंबर ईश्वरन को देने के लिए कहा था.
रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी
दोनों आरोपियों ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, मौके पर मौजूद एंटी-करप्शन ब्यूरो की टीम ने छापा मारकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया. उनके हाथों पर केमिकल पाउडर के निशान भी पाए गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई. एंटी-करप्शन ब्यूरो पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है. अधिकारियों ने बताया कि सरकारी सेवाओं के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.


