कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले के शिडलघट्टा महिला नगर निगम आयुक्त के उत्पीड़न मामले में एक आरोपी निलंबित कांग्रेस नेता राजीव गौड़ा को गिरफ्तार किया गया है. राजीव गौड़ा पर नगर निगम आयुक्त अमृता गौड़ा को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी.
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि कर्नाटक पुलिस ने सस्पेंड कांग्रेस नेता गौड़ा कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल और नगर निगम आयुक्त को धमकी देने के मामले में गिरफ्तार किया है.
कई दिनों से फरार चल रहे थे कांग्रेस के निष्कासित नेता
गौड़ा कई दिनों से फरार चल रहे थे. इसपर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पुलिस पर सवाल भी उठाया था और उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी के आदेश दिए थे. इसके बाद गृहमंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने पुलिस को गौड़ा को तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिए.
उन्होंने बताया था कि मैंने पहले ही दिन पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था. हालांकि, आरोपी हिरासत में लिए जाने से पहले ही फरार हो गया. कोई राजनीतिक दबाव या समझौता नहीं है. पुलिस को निर्णायक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है.
2023 में इस विधानसभा सीट से कांग्रेस ने बनाया था पार्टी से उम्मीदवार
कांग्रेस ने आरोपों के बीच पिछले हफ्ते गौड़ा को पार्टी से सस्पेंड कर दिया था. उन्हें साल 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में चिक्कबल्लापुरा के शिडलाघट्टा निर्वाचन से क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था. इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
कार्रवाई तब हुई थी जब पार्टी नेता एस मनोहर ने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को एक पत्र लिखा था. इसमें कहा गया था कि एक महिला अधिकारी को गाली देने और धमकी देने के लिए गौड़ा को तुरंत सस्पेंड किया जाना चाहिए.
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
इस पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा था. बीजेपी ने आरोप लगाया था कि पार्टी गौड़ा को बचाने की कोशिश कर रही है. बीजेपी से नेता विपक्ष ने कहा था कि खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री केएच मुनियप्पा राजीव गौड़ा को एक अच्छा आदमी कहकर तारीफ कर रहे हैं. इसपर उन्हें कांग्रेस नेताओं को शर्मिंदा होने की नसीहत दी थी.


