भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड के समय प्रदान किया. शुभांशु शुक्ला उन चुनिंदा सैन्य अधिकारियों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान यह सम्मान मिला है. परंपरा के अनुसार गणतंत्र दिवस समारोह में केवल अशोक चक्र और परम वीर चक्र ही प्रदान किए जाते हैं, जिससे इस सम्मान का महत्व और भी बढ़ जाता है.
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक शुभांशु शुक्ला ने वर्ष 2025 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा कर इतिहास रच दिया था. वे ISS तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बने और वर्ष 1984 में राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने. उल्लेखनीय है कि स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा को भी उनके अंतरिक्ष मिशन के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था.
77th #RepublicDay🇮🇳 | Indian astronaut IAF Group Captain Shubhanshu Shukla conferred with India’s highest peacetime gallantry award, the Ashoka Chakra
(Source: DD) pic.twitter.com/Hhx0YuLKms
— ANI (@ANI) January 26, 2026
कौन हैं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला?
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को हुआ था. उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला से प्रशिक्षण प्राप्त किया और जून 2006 में भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया. उनके पास 2000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है और वे Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, जैगुआर और हॉक जैसे लड़ाकू विमानों को उड़ा चुके हैं. वे एक अनुभवी कॉम्बैट लीडर और टेस्ट पायलट भी माने जाते हैं.
Axiom Mission और भारत की अंतरिक्ष कूटनीति
शुभांशु शुक्ला ने Axiom Mission के तहत ISS की यात्रा की थी. इस मिशन को भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. यह मिशन निजी और सरकारी अंतरिक्ष सहयोग का प्रतीक बना और भारत को वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय में एक नई पहचान दिलाने में सफल रहा.
गणतंत्र दिवस पर 70 सैन्यकर्मियों को वीरता सम्मान
गणतंत्र दिवस से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 70 सशस्त्रबल कर्मियों को वीरता पुरस्कार देने की मंजूरी दी थी. इनमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारी और जवान शामिल हैं. इस सूची में कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र और विभिन्न सेवा मेडल शामिल हैं, जिनमें से कुछ सम्मान मरणोपरांत भी प्रदान किए जाएंगे.
गगनयान मिशन और भविष्य की योजनाएं
शुभांशु शुक्ला गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार वायुसेना फाइटर पायलटों में सबसे युवा हैं. फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन अंतरिक्ष यात्रियों का परिचय देश को कराया था, उनमें शुभांशु शुक्ला के साथ ग्रुप कैप्टन प्रशांत नायर, अजीत कृष्णन और अंगद प्रताप भी शामिल थे. भारत की योजना 2027 की शुरुआत में गगनयान मिशन लॉन्च करने की है, जिसकी अवधि तीन दिन होगी और यह लगभग 400 किलोमीटर की कक्षा में संचालित होगा.


