तेलंगाना के सिद्दिपेट जिले से राष्ट्रीय गौरव को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बीआरएस विधायक कोट्ठा प्रभाकर रेड्डी पर तिरंगे झंडे के अपमान करने का गंभीर आरोप लगा है. विधायक पर आरोप है कि उन्होंने दुब्बाका के गांधी चौक पर एक कार्यक्रम के दौरान उल्टा तिरंगा फहराया, जिसे लेकर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला दुब्बाका विधानसभा क्षेत्र के गांधी चौक का है, जहां एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान झंडा फहराया जा रहा था. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इस दौरान विधायक कोट्ठा प्रभाकर रेड्डी की लापरवाही से राष्ट्रीय ध्वज उल्टा हो गया और उसके धुरी के ऊपर ‘अशोक चक्र’ नीचे की ओर दिखाई दे रहा था.
कांग्रेस नेताओं ने बताया अपमान
तिरंगे झंडे की इस दुर्दशा को देखकर मौके पर मौजूद लोगों में रोष व्याप्त हो गया. राष्ट्रीय ध्वज सम्मान अधिनियम 1971 के तहत इसे गंभीर अपराध माना जाता है और कांग्रेस नेताओं ने इसे देशभक्ति के नाम पर खुला अपमान बताया है. इस घटना के तुरंत बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दुब्बाका पुलिस स्टेशन पहुंचकर विधायक के खिलाफ औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस मामले की जांच में जुटी
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कोई रियायत न बरती जाए. एक सार्वजनिक प्रतिनिधि होने के नाते विधायक की इस गलती को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह वास्तव में एक भूल थी या उनके लिए राष्ट्रीय प्रतीकों का महत्व कम है. राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज है और विपक्षी दल इस मामले को भुनाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं.
इस मामले पर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे इस वीडियो को आधार बनाकर सबूत एकत्र किए जा रहे हैं. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और उसके फहराने के नियमों को लेकर कितनी सावधानी बरतनी आवश्यक है. अब देखना है कि पुलिस की जांच में ये सामने आता है कि यह मात्र एक मानवीय भूल थी या फिर लापरवाही.
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