रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस सोमवार (23 फरवरी 2026) को चतरा जिले के सिमरिया के पास एक वनक्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई. विमान में सात लोग सवार थे, जिनमें 41 वर्षीय एक मरीज और चालक दल के दो सदस्य शामिल हैं. इस हादसे में जान गंवाने वाले पायलट स्वराजदीप के घर और पूरे मुहल्ले में मातम छाया हुआ है. विमान कंपनी ने ईमेल भेजकर स्वराजदीप की मौत की आधिकारिक पुष्टि की.
पायलट स्वराजदीप की परिजन से हुई आखिरी बात
स्वराजदीप की करीब डेढ़ साल पहले शादी हुई थी. रांची से उड़ाने भरने से पहले उन्होंने अपने घर फोन किया था. उन्होंने कहा था, ‘मैं रांची से दिल्ली जा रहा हूं. लैंडिंग बाद फिर कॉल कर बात करूंगा.’ स्वराजदीप के परिजन ने दो घंटे तक उनके कॉल का इंतजार किया, लेकिन कोई फोन नहीं आया. इसके बाद परिजन ने स्वराजदीप से संपर्क करने की कोशिश की तो उनका फोन ऑफ पाया गया. स्वराजदीप के परिवार में उनके माता-पिता के अलावा तीन महीने का बच्चा और पत्नी हैं.
उड़ान भरने के 20 मिनट बाद टूटा संपर्क
एयर एंबुलेंस के उड़ान भरने के 20 मिनट बाद उसका हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) से संपर्क टूट गया था. एयरपोर्ट डायरेक्टर विनोद कुमार के अनुसार खराब मौसम दुर्घटना का एक कारण हो सकता है, लेकिन वास्तविक कारण की जानकारी जांच के बाद ही मिलेगी. डीजीसीए के अनुसार कोलकाता से संपर्क स्थापित होने के बाद भारतीय समयानुसार 19:34 बजे, विमान का वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील साउथ-ईस्ट स्थित कोलकाता से संचार और रडार संपर्क टूट गया.
मरीज को क्या समस्या थी?
मरीज संजय कुमार को पेट्रोलियम प्रोडक्ट से आग लगने के कारण बर्न इंजरी हुई थी. उनके शरीर का करीब 63 फीसदी हिस्सा झुलस गया था. उन्हें इसी हालत में रांची के देवकमल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था जहां शुरुआती इलाज और सपोर्टिव ट्रीटमेंट दिया गया. मरीज की सीरियस हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दी थी, जिसके बाद एयर एम्बुलेंस के जरिए दिल्ली ले जाया जा रहा था.


