बीजेपी सांसद भीम सिंह ने गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 3 अक्षरों वाले कोड GAY को लेकर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने इसे सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से आपत्तिजनक करार दिया. उनके इस बयान पर LGBTQ कार्यकर्ताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उनका कहना है कि सांसद की टिप्पणी समुदाय के खिलाफ पूर्वाग्रह को और मजबूत करती है.
बिहार से राज्यसभा सदस्य भीम सिंह ने संसद में एक लिखित प्रश्न में पूछा कि बिहार हवाई अड्डे के लिए अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आईएटीए) कोड का उपयोग क्यों किया जा रहा है, जबकि लोगों को यह असहज लगता है. उन्होंने पूछा कि क्या सरकार इसे अधिक सम्मानजनक बनाने पर विचार करेगी और साथ ही इस प्रक्रिया के लिए समय सीमा भी मांगी है.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने क्या कहा ?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि उसे पहले भी इसी तरह के अनुरोध मिले हैं. नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि तीन-अक्षरों वाले ये कोड IATA (300 एयरलाइनों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक व्यापार संघ) द्वारा दुनिया भर के हवाई अड्डों की विशिष्ट पहचान के लिए दिए जाते हैं और आमतौर पर स्थान के नाम के पहले तीन अक्षरों का उपयोग किया जाता है.
LGBTQ कार्यकर्ता अरविंद नारायण ने क्या कहा ?
बीजेपी सांसद की इस मांग पर LGBTQ कार्यकर्ता अरविंद नारायण ने आपत्ति जाहिर की है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले की ओर इशारा किया जिसमें समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था और LGBTQI व्यक्तियों के सम्मान के अधिकार को मान्यता दी गई थी.
उन्होंने कहा कि उनके (बीजेपी सांसद) द्वारा हमें अनैतिक बताना समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाता है. उन्हें खुद यह समझने की ज़रूरत है कि सुप्रीम कोर्ट के अनुसार व्यक्तिगत नैतिकता नहीं, बल्कि संवैधानिक नैतिकता ही शासन करती है. उन्हें समुदाय से माफ़ी मांगनी चाहिए.
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