देश की राजनीति के बीच एक अलग पहल करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी नॉर्थ ईस्ट के छात्रों को मार्शल आर्ट और आत्मरक्षा के गुर सिखाया. दिल्ली में आयोजित एक विशेष सत्र में नॉर्थ ईस्ट के 18 छात्रों का एक डेलिगेशन राहुल गांधी से ट्रेनिंग लेने पहुंचा है.
सूत्रों के मुताबिक इस डेलिगेशन में लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हुए, जो बाकायदा मार्शल आर्ट की ड्रेस में कार्यक्रम में पहुंचे थे. छात्रों का यह समूह आत्मरक्षा से जुड़ी तकनीकों को सीखने के लिए राहुल गांधी के साथ एक इंटरैक्टिव सत्र में हिस्सा लिया. इस दौरान राहुल गांधी की पूरी टीम भी मौके पर मौजूद है और कार्यक्रम को लेकर खास तैयारी की गई थी.
नॉर्थ ईस्ट के छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा
दरअसल, नॉर्थ ईस्ट के छात्रों के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली हिंसा और हमलों का मुद्दा पिछले कुछ समय से चर्चा में रहा है. इसी संदर्भ में राहुल गांधी लगातार नॉर्थ ईस्ट के छात्रों की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा उठाते रहे हैं. इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए अब राहुल गांधी छात्रों को आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देने जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि इस सत्र का उद्देश्य छात्रों को आत्मविश्वास देना और यह संदेश देना है कि वे किसी भी परिस्थिति में खुद की सुरक्षा कर सकें.
मार्शल आर्ट से राहुल गांधी का पुराना जुड़ाव
मार्शल आर्ट से राहुल गांधी का जुड़ाव पुराना रहा है. राहुल गांधी एकिडो में ब्लैक बेल्ट हैं. यह जापान की एक पारंपरिक मार्शल आर्ट है, जो आत्मरक्षा और संतुलन की तकनीकों पर आधारित होती है. एकिडो को जूजीत्सू से विकसित माना जाता है और इसमें प्रतिद्वंद्वी की ताकत को उसी के खिलाफ इस्तेमाल करने की तकनीक सिखाई जाती है. कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी छात्रों को कुछ बेसिक आत्मरक्षा तकनीकें सिखाएंगे और उनके साथ संवाद भी करेंगे. इस दौरान छात्रों के अनुभव, उनके सामने आने वाली चुनौतियों और नॉर्थ ईस्ट के युवाओं के मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है. ये कार्यक्रम केवल मार्शल आर्ट ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए एक सामाजिक संदेश भी देने की कोशिश है. पार्टी का मानना है कि देश के किसी भी हिस्से से आने वाले छात्रों को दूसरे राज्यों में सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए.
राहुल गांधी की नॉर्थ ईस्ट के छात्रों से मुलाकात
राहुल गांधी की यह पहल न केवल छात्रों के बीच आत्मरक्षा और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने की कोशिश मानी जा रही है, बल्कि इसे नॉर्थ ईस्ट के युवाओं के साथ एकजुटता के संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है. बीते महीने 27 फरवरी को भी राहुल गांधी ने नॉर्थ ईस्ट के 18 छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी. उस बैठक में छात्रों ने अपने अनुभव और चिंताएं साझा की थीं. खासकर उन घटनाओं को लेकर जिनमें उन्हें भेदभाव या हिंसा का सामना करना पड़ा. राहुल गांधी ने उस दौरान छात्रों को भरोसा दिलाया था कि उनकी सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा वे लगातार उठाते रहेंगे.


