प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राइवेट सेक्टर से खास अपील करते हुए कहा कि उन्हें मुनाफे पर कम फोकस करना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने भविष्य में होने वाले आर्थिक बदलाव को लेकर भी अपनी बात रखी. पीएम मोदी ने यह इंटरव्यू पीटीआई न्यूज एजेंसी को दिया है. यह अमेरिका, ईयू से डील और केंद्रीय बजट 2026 के बाद पहली बार दिया गया इंटरव्यू है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के आर्थिक बदलाव के अगले दौर को बढ़ाने में प्राइवेट सेक्टर अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने साथ ही डिजिटल ग्रोथ, डिफेंस मॉर्डनाइजेशन जैसे मुद्दे पर भी जोर दिया. इसके अलावा उन्होंने इनोवेशन और उद्योग की क्षमता अनुसार बड़े निवेश विकसित भारत के विजन पाने के लिए जरूरी बताया है.
पीएम मोदी ने कहा है कि औद्योगीकरण और शहरीकरण के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों के बहुत सारे युवा शहरों में जाकर ग्लोबली कनेक्टेड इंडस्ट्रीज में काम करना चाहते हैं. उनके लिए मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज में क्रांति ही उनकी उम्मीदों को पूरा कर सकती हैं.
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में पिछली सरकारों ने नहीं किया काम: PM मोदी
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आने से पहले इन पर ध्यान दिया जाना चाहिए था. बदकिस्मती से पिछली सरकारों में इस दिशा में ज्यादा कुछ नहीं हुआ. लेकिन हमने अपना तरीका बदल दिया है. मैन्युफैक्चरिंग हमेशा से हमारे विकसित भारत विजन का केंद्र रहा है. कोई भी देश सिर्फ कंज्यूमर बनकर तेजी से आगे नहीं बढ़ सकता. उन्हें वैश्विक स्तर पर हाई क्वालिटी प्रोड्यूसर बनना ही होगा.
इसी के लिए मेक इन इंडिया शुरू हुआ. समय के साथ उत्पादन से जुड़ी इंसेंटिव स्कीम्स जिनमें लक्षित हस्तक्षेप शुरू किए गए हैं. इन कोशिशों से भारत के उद्योग के बेस को फिर से तैयार किया जा रहा है. हमें ग्लोबल वैल्यू चेन्स में जोड़ा जा रहा है. बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा किया जा रहा है. हम अपने युवाओं में इसके लिए जरूरी स्किल्स डेवलप करने में मदद कर रहे हैं. इनके नतीजे नजर भी आ रहे हैं.
भारत ने निर्यात के पिछले रिकॉर्ड तोड़े हैं: नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के सामान के निर्यात ने पिछले रिकॉर्ड तोड़े हैं. एक दशक बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन बनाने वाला देश है. पहले भारत अपने सभी मोबाइल फोन आयात करता था. उन्होंने कहा कि दुनिया भर के मशहूर फोन ब्रांड भारत में बन रहे हैं. डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग बढ़ रही है.
उन्होंने कहा कि भारत फर्मास्यूटिकल्स का एक भरोसेमंद सप्लायर है. हमारी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग भी बढ़ी है. इसी तरह की तरक्की टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग से जुड़े सामान, और केमिकल्स में देखी जा सकती है. यह बदलाव उन सेक्टर्स में साफ नजर आ रहा, जिन्हें कभी बहुत हल्के में लिया जाता था.
साथ ही कहा कि इसके अलावा भारत में एक दशक में खिलौने का निर्यात तेजी से बढ़ा है. सभी जानते हैं, कि हमारे युवा इनोवेटर्स की वजह से भारत में स्टार्टअप क्रांति आई है. हम सिर्फ कुछ सौ स्टार्टअप से एक दशक के भीतर 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप तक पहुंच गए हैं. अक्सर हम टेक स्टार्टअप समझते हैं, लेकिन इनमें कई मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े स्टार्टअप हैं. यह हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बना रहे हैं. मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ोतरी से हमारे युवाओं के लिए बड़ी संख्या में नौकरियां बनी हैं.
2026 का बजट मैन्युफैक्चरिंग रणनीति को आगे ले जाता है: नरेंद्र मोदी
इसके अलावा उन्होंने कहा कि बजट 2026 मैन्युफैक्चरिंग रणनीति को आगे ले जाता है. यह इस क्षेत्र को मजबूत करेगा. कुल मिलाकर बजट 2026 मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने, वैल्यू एडिशन और स्किल-स्केल को एक साथ लाकर माहौल बनाने के लिए है. इसका आखिरी नतीजा आत्मनिर्भरता और बड़े पैमाने पर जॉब क्रिएशन होगा. हालांकि, डायनामिक प्राइवेट कॉर्पोरेट सेक्टर से निवेदन है कि इंडियन फर्मो को रिसर्च और डेवलपमेंट में ज्यादा निवेश करना चाहिए. फ्रंटियर टेक्नोलॉजी को अपनाना चाहिए. सप्लाई चेन की क्षमता को बढ़ाना चाहिए. प्रोडक्ट के मुनाफे के बजाय क्वालिटी और प्रोडक्टिविटी के लिए प्रतिस्पर्धा करना चाहिए.


