प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदलकर सेवा तीर्थ कर दिया गया है. शुक्रवार (13 फरवरी, 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाईटेक ऑफिस और स्मार्ट ग्रिड वाले नए ऑफिस का उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम को करीब 6 बजे सेवा तीर्थ में एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे.
सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय होंगे, जो पहले अलग-अलग जगहों पर बने हुए थे. इसके अलावा कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का भी उद्घाटन किया जाना है, जिसमें वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय समेत कई प्रमुख मंत्रालय बनाए गए हैं.
आजादी के बाद पहली बारी प्रधानमंत्री कार्यालय का पता बदला है. अभी तक ये कार्यालय और मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में दूर-दूर फैले हुए थे, जिसकी वजह से इन्हें कॉर्डिनेशन में दिक्कतें आती थीं. अब सभी 51 मंत्रालयों को कर्तव्य भवनों में एक जगह लाया गया है, जिससे किराए और रखरखाव लागत में कमी आएगी. नई बिल्डिंग्स डिजिटल तकनीकों से लैस हैं और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप इनका इंफ्रास्ट्रक्चर है.
पुरानी बिल्डिंग्स बेहद पुरानी थीं और खंडित भी हो चुकी थीं. प्रमुख कार्यालयों के इस फैलाव के कारण कामकाज में दिक्कतें आती थीं. कार्यलायों को कॉर्डिनेशन में दिक्कत होती थी और यहां मॉडर्न सुविधाएं नहीं थीं, जिसकी वजह से रखरखाव की लागत ज्यादा आती थी और काम करने के लिए अनुपयुक्त वातावरण जैसी समस्याएं थीं.
आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार सुविधाओं से युक्त नए भवन परिसर के अंदर प्रशासनिक कार्यों के लिए अब इन समस्याओं से मुक्ति मिल जाएगी. दोनों कर्तव्य 1 और कर्तव्य 2 में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, सुव्यवस्थित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं मौजूद हैं. ये सुविधाएं सहयोग, दक्षता, सुचारू संचालन, नागरिकों की बेहतर भागीदारी और कर्मचारियों के कल्याण को बढ़ावा देंगी.
4-स्टार जीआरआईएचए मानकों के अनुसार डिजाइन किए गए इन परिसरों में मॉर्डन पावर सिस्टम, जल संरक्षण उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन समाधान और उच्च-प्रदर्शन वाली भवन संरचनाएं शामिल हैं. इन सुविधाओं से परिचालन दक्षता बढ़ेगी और पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम किया जाएगा. भवन परिसरों में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, मॉनिटरिंग नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना जैसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल हैं, जिनसे अधिकारियों और विजिटर्स के लिए एक सुरक्षित और सुलभ वातावरण सुनिश्चित होगा.
सेवा तीर्थ करीब 2.26 लाख वर्ग फीट (करीब 5 एकड़) में बना है, जिसकी लागत कुल 1189 करोड़ रुपये की है. सेवा तीर्थ नई दिल्ली में दारा शिकोह रोड पर एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में स्थित है. सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में तीन इमारतें हैं- सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3. सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) है. सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का ऑफिस है.


