भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर एक बार फिर निशाना साधा है. मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. पाकिस्तान और लोकतंत्र एक साथ नहीं चल सकते क्योंकि वहां लगातार लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हो रही हैं. इससे लगातार चिंताएं भी बढ़ रही है. यह जानकारी मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिया है.
‘अफगानिस्तान की संप्रभुता का समर्थन करते हैं’
जायसवाल ने कहा कि भारत को पाकिस्तान – अफगानिस्तान की सीमाओं पर हुईं झड़पों के बारे में पूरी जानकारी है. इसमें कई अफगान नागरिक मारे गए हैं. इनमें मासूम बच्चे शामिल हैं. हम इन हमलों की कड़ी निंदा करते हैं. इस दौरान उन्होंने अफगानिस्तान के संप्रभुता को दोहराते हुए, समर्थन जताया है.
भारत-अमेरिका के बीच हुई एंटी टेरर चर्चा
जायसवाल ने 3 दिसंबर को भारत-अमेरिका के बीच हुई एंटी टेरर चर्चा के लिए 21 वीं वर्किंग कमिटी की 21वीं मीटिंग के बारे में भी जानकारी साझा की.
उन्होंने कहा, “दोनों पक्ष काउंटर-टेररिज्म सहयोग को बहुत महत्व देते हैं. यह अमेरिका के साथ हमारी सबसे बड़ी ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का एक ज़रूरी हिस्सा है.”
#WATCH | Delhi: MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, “We keep a close eye on every development in Pakistan. But regarding democracy, you’re saying that democracy in Pakistan is becoming weak and its strengths are being weakened. Democracy and Pakistan don’t go together.” pic.twitter.com/SxTAOHt8qp
— ANI (@ANI) December 8, 2025
‘अमेरिका ने पहलगाम-दिल्ली बम ब्लास्ट की निंदा की’
उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने पहलगाम और दिल्ली में हाल के आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की. साथ ही यूएन, क्वाड, फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स और दूसरे फोरम के जरिए आतंकवाद के खिलाफ मल्टीलेटरल सहयोग को मज़बूत करने के अपने वादे को फिर से दोहराया.
जायसवाल ने कहा, “दोनों देशों ने आतंकवाद के इलाके में मल्टीलेटरल सहयोग को मजबूत करने के लिए अपना वादा दोहराया, जिसमें UN में, क्वाड के फॉर्मेट में, साथ ही फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स के फॉर्मेट में और कई दूसरे मल्टीलेटरल फोरम में भी शामिल हैं, जहां हम इन पहलुओं पर चर्चा करते हैं और करते रहेंगे.”
उन्होंने कहा, “दोनों पक्षों ने ISIS और अल-कायदा से जुड़े ग्रुप्स, और LeT-JeM और उनके प्रॉक्सी ग्रुप्स, समर्थक, स्पॉन्सर्स, फाइनेंसर्स को UN ने 1267 सेक्शन के तहत डेजिग्नेट करने की मांग की है.


