बजट सत्र के दौरान लोकसभा से सस्पेंड किए गए विपक्ष के आठ सांसदों का निलंबन वापस नहीं होगा. सूत्रों के मुताबिक लोकसभा गतिरोध को सुलझाने के लिए विपक्ष से बनी सहमति के बाद भी इन सांसदों का निलंबन वापस नहीं लिया जाएगा. साथ ही, उन सांसदों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है, जिन्होंने स्पीकर के चैंबर में हंगामा किया था और इसका वीडियो बना लिया था. लोक सभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार स्पीकर का चैंबर सदन का ही हिस्सा है और यहां वीडियो नहीं बनाया जा सकता है.
तीन फरवरी को हुए थे निलंबित
कांग्रेस के सात और सीपीएम के एक सांसद को तीन फरवरी को निलंबित किया गया था, इनका निलंबन पूरे बजट सत्र के लिए है, जो दो अप्रैल को समाप्त हो रहा है.
इन सांसदों ने राहुल गांधी को न बोलने देने के विरोध में जमकर हंगामा किया था और चेयर पर कागज फाड़कर फेंके थे.
सस्पेंड सांसदों में कौन-कौन?
लोकसभा के जिन सांसदों को निलंबित किया गया है, उनमें कांग्रेस से मणिक्कम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा, गुरजीत सिंह औजिला, हिबी ईडन, डीन कुरियकोज, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और सीपीएम के एस वेंकटेशन शामिल हैं.
केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने एएनआई से कहा, “..कम से कम 20-25 कांग्रेस MP लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुस गए और उन्हें गालियां दीं. मैं भी वहीं था. स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो सख्त कार्रवाई होती. प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत सीनियर कांग्रेस नेता भी अंदर मौजूद थे, और वे उन्हें लड़ने के लिए उकसा रहे थे…”
वहीं लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए दिए गए नोटिस में खामियां मिली हैं. एएनआई के मुताबिक, अविश्वास प्रस्ताव को लेकर दिए गए नोटिस में फरवरी 2025 की घटनाओं का चार बार जिक्र किया गया है, जिसके आधार पर नियमों के मुताबिक इसे खारिज किया जा सकता है. हालांकि स्पीकर ने सचिवालय को नोटिस की खामियों को दूर करने के बाद आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत के बाद नोटिस को लिस्ट किया जाएगा. बदला हुआ नोटिस मिलने के बाद तय नियमों के तहत इसकी जांच की जाएगी.


