राज्यसभा के द्विवर्षीय चुनाव में ओडिशा की चार में से दो सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार मनमोहन सामल और सुजीत कुमार ने जीत दर्ज की है. इसके अलावा, एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय, जबकि चौथी सीट पर बिजु जनता दल (BJD) के उम्मीदवार संतृप्त मिश्रा ने जीत हासिल की है. इस बीच चुनाव में क्रॉस वोटिंग की खबरें सामने आने के बाद सियासी माहौल काफी गर्म हो गया है. चुनाव में वोटिंग के दौरान कांग्रेस और बिजु जनता दल (BJD) के विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोपों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.
ओडिशा में हुए चुनाव में दिखे क्रॉस वोटिंग के मामले
ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों पर हुए चुनावों में मतदान के दौरान क्रॉस-वोटिंग के मामले भी देखने को मिले, जो पार्टी की नीतियों से भटकाव को दर्शाते हैं. कम से कम पांच विपक्षी विधायकों ने कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में वोट दिया. जिन पांच विपक्षी विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, उनमें से तीन सदस्य कांग्रेस पार्टी के बताए जा रहे हैं, जिनमें ओडिशा के सनखेमुंडी सीट से रमेश जेना, मोहना सीट से दशरथी गोमांगो और बाराबती-कटक सीट से सोफिया फिरदौस का नाम शामिल है.
कांग्रेस और BJD के विधायकों की क्रॉस-वोटिंग ने दिलीप राय को जीत दिलाने में मदद की. बताया जा रहा है कि कांग्रेस के तीन और BJD के छह विधायकों ने BJP समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में वोट दिया, जो उन्हें जारी किए गए पार्टी व्हिप के खिलाफ था.
BJD के कई विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग
कथित तौर पर क्रॉस वोटिंग करने वाले BJD विधायकों में चक्रमणि कन्हार, सौविक बिस्वाल, सुबासिनी जेना, रमाकांत भोई, देवी रंजन त्रिपाठी और नबा किशोर मल्लिक शामिल थे. इसके अलावा, BJD के दो निलंबित विधायकों- सनातन महाकुड और अरविंद महापात्र, ने भी चुनाव में दिलीप राय के पक्ष में मतदान किया.
(रिपोर्ट- रजनीकांत)
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