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नोएडा में बैठकर अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे शिकार, इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड का भांडाफोड़
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नोएडा में बैठकर अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे शिकार, इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड का भांडाफोड़

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देश की प्रमुख जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने नोएडा में संचालित एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है. इस नेटवर्क पर आरोप है कि उसने वर्ष 2022 से अब तक अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर करीब 8.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी भारतीय करेंसी में करोड़ों रुपयों की ठगी की. यह कार्रवाई अमेरिका की जांच एजेंसी FBI से प्राप्त ठोस इनपुट के आधार पर की गई.

अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे शिकार

CBI की जांच में सामने आया है कि नोएडा में बैठे साइबर ठग खुद को DEA, FBI और सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (SSA) जैसे प्रतिष्ठित अमेरिकी सरकारी संस्थानों का अधिकारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को फोन करते थे. वे पीड़ितों को यह कहकर डराते थे कि उनके सोशल सिक्योरिटी नंबर (SSN) का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग सप्लाई जैसे गंभीर अपराधों में हुआ है. उनकी संपत्ति को फ्रीज किया जा रहा है.

डर और भ्रम का माहौल बनाकर ये आरोपी पीड़ितों से क्रिप्टोकरेंसी और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए धन की मांग करते थे. ठगी की गई रकम को विदेशी बैंक खातों और क्रिप्टो वॉलेट्स में ट्रांसफर कर दिया जाता था, जिससे ट्रांजैक्शन को ट्रेस करना मुश्किल हो सके. जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी तरीके से अब तक करीब 8.5 मिलियन डॉलर की अवैध कमाई की गई.

FBI के इनपुट पर कार्रवाई

CBI ने 9 दिसंबर 2025 को FBI के इनपुट के आधार पर मामला दर्ज किया और तुरंत दिल्ली, नोएडा और कोलकाता में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. इसी क्रम में 10 दिसंबर को नोएडा के सेक्टर-144 स्थित एक बिल्डिंग में चल रहे इस अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारा गया, जहां से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.

छापेमारी में हुई करोड़ रुपए की बरामदगी

छापेमारी के दौरान CBI ने 1.88 करोड़ रुपये नकद, 34 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन आदि) और कई अहम दस्तावेज बरामद किए. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि पूरा नेटवर्क ठगी की रकम को वर्चुअल एसेट्स और विभिन्न बैंक खातों के जरिए लगातार इधर-उधर घुमाता रहता था. फिलहाल CBI इस बात की गहन जांच कर रही है कि इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क के और कौन-कौन से अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन हैं, इसमें कितने लोग शामिल हैं और ठगी की रकम की मनी ट्रेल कैसे संचालित की जा रही थी. एजेंसी का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.



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