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‘कौन देख रहा…’, NCERT के चैप्टर में गलती पर गुस्से में PM मोदी, बड़ा कदम उठाएगी सरकार
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‘कौन देख रहा…’, NCERT के चैप्टर में गलती पर गुस्से में PM मोदी, बड़ा कदम उठाएगी सरकार

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NCERT की क्लास 8 की सोशल साइंस किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर एक चैप्टर को लेकर बड़ा हंगामा मचा हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है और किताब पर बैन लगा दिया है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले पर अपनी नाखुशी जाहिर की है और कहा है कि जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए. सरकार की तरफ से अब जांच शुरू हो गई है और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किताब को रोकने के लिए चिट्ठी भी लिखी गई है.

PM मोदी ने जताई नाराजगी, कहा- जिम्मेदारी तय हो

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, PM मोदी इस पूरे मामले से काफी नाराज हैं. उन्होंने कहा, ‘कौन देख रहा है ये सब?’ और जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया है. उन्होने इजरायल से भारत वापस आते समय ही इस पर अपनी राय दी है. सरकार अब इस मामले को गंभीरता से ले रही है और एक्शन लेने की तैयारी में है.

एजुकेशन मिनिस्टर ने माफी मांगी और एक्शन का वादा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस पर अफसोस जताया है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का हम सबसे ज्यादा सम्मान करते हैं और सरकार की तरफ से इसे अपमानित करने का कोई इरादा नहीं था. मंत्री ने कहा कि वो इस घटना से काफी दुखी हैं और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरी तरह पालन किया जाएगा.

उन्होंने जिम्मेदारी तय करने और जिम्मेदारों पर ऐक्शन लेने का वादा किया है. साथ ही, शिक्षा मंत्रालय ने इंफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री और मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी (MeitY) को चिट्ठी लिखकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किताब को रोकने को कहा है.

NCERT ने शुरू की जांच, मानी गलती

NCERT ने इस चैप्टर को ‘जजमेंट की गलती’ बताया है और माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि किताब को दोबारा लिखा जाएगा और सही अथॉरिटी से सलाह ली जाएगी. अब NCERT जांच कर रही है कि टेक्स्टबुक बनाने की प्रोसेस में कहां गड़बड़ी हुई और कौन-कौन जिम्मेदार हैं.

सूत्रों का कहना है कि ये जांच सख्ती से की जाएगी ताकि आगे ऐसी गलतियां न हों. किताब को एनसीईआरटी की वेबसाइट से भी हटा लिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने खुद सुनवाई करके नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने इस किताब को लेकर बुधवार को खुद ही नोटिस लिया और गुरुवार को सुनवाई की. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि ये न्यायपालिका को बदनाम करने की अच्छी तरह सोची-समझी साजिश लगती है. कोर्ट ने किताब पर भारत और विदेशों में पूरा बैन लगा दिया है, साथ ही सभी फिजिकल और डिजिटल कॉपीज जब्त करने का आदेश दिया है. ऑनलाइन शेयर करने पर भी रोक लगा दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मंत्रालय के सेक्रेटरी और NCERT के डायरेक्टर को कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट के तहत नोटिस जारी किया है. उन्होंने पूछा है कि क्यों न इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी सवाल किए और कहा कि गहराई से जांच होनी चाहिए, जिम्मेदार लोगों पर सख्त ऐक्शन लिया जाए. चीफ जस्टिस ने यहां तक कहा कि ‘हेड्स मस्ट रोल’ यानी जिम्मेदारों को नहीं बख्शा जाएगा और केस बंद नहीं होगा.

कोर्ट ने NCERT से उन कमिटी मेंबर्स की लिस्ट मांगी है जिन्होंने ये चैप्टर अप्रूव किया था. साथ ही टेक्स्टबुक डेवलपमेंट टीम के नाम और क्रेडेंशियल्स भी देने को कहा है. मीटिंग्स के मिनट्स के ओरिजिनल रिकॉर्ड्स भी अगली सुनवाई में पेश करने होंगे.

कोर्ट का कहना है कि किताब में भ्रष्टाचार की बात तो की गई है, लेकिन न्यायपालिका की अच्छी चीजें जैसे कांस्टीट्यूशनल मोरालिटी, बेसिक स्ट्रक्चर डॉक्ट्रिन, लीगल ऐड और जस्टिस तक पहुंच पर ज्यादा फोकस नहीं है.



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