मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के चलते खड़े हुए एलपीजी संकट के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. श्रमिकों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर को उपलब्ध करवाने को प्राथमिकता दी जाएगी. वहीं, 21 मार्च को भारत सरकार ने कमर्शियल एलपीजी का 50 प्रतिशत अतिरिक्त राज्य सरकार को दी जाएगी. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने सोमवार (23 मार्च) को इसकी जानकारी दी.
‘LPG की पैनिक बुकिंग में आई कमी’
सुजाता शर्मा ने बताया कि एलपीजी की पैनिक बुकिंग में कमी आई है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन हफ्तों में लगभग 35 लाख घरेलू और कमर्शियल एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं या एक्टिव किए गए हैं. शर्मा ने बताया, रिटेल आउटलेट पर स्थिति सामान्य है. उन्होंने कहा, एलपीजी की आपूर्ति अभी भी चिंता का विषय है, लेकिन एलपीजी वितरकों के पास एलपीजी की कमी नहीं है. एलपीजी की अफरा-तफरी में हुई बुकिंग कम हो गई है और वितरण सामान्य है.
राज्यों को कमर्शियल गैस की सप्लाई बढ़ी
उन्होंने कमर्शियल सिलेंडर को लेकर बताया कि अब कमर्शियल एलपीजी की लगभग 50 प्रतिशत राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए उपलब्ध होगी. केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि वे इस आवंटन में रेस्तरां, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी इकाइयां, राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित रियायती कैंटीन या आउटलेट, सामुदायिक रसोई और प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो एफटीएल को शामिल करें. अब तक, लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कमर्शियल एलपीजी आवंटित की है और लगभग 15 हजार 800 टन कमर्शियल एलपीजी का वितरण किया जा चुका है.’
#WATCH | Delhi: Sujata Sharma, Joint Secretary (Marketing & Oil Refinery), Ministry of Petroleum & Natural Gas, says, “About 3.5 lakh domestic and commercial PNG connections have been given or activated in the last three weeks. The supply of LPG still remains a matter of concern,… pic.twitter.com/tjKSncMuuN
— ANI (@ANI) March 23, 2026
यह भी कहा गया है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से हो रही है. ज्यादातर डिलीवरी डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) के माध्यम से हो रही हैं. एलपीजी वितरकों में किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं है.


