तेलंगाना में नगर पालिका चुनावों की वोटों की गिनती के दौरान एक दर्दनाक घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया. मंचेरियाल जिले की लक्षेटीपेट नगर पालिका के वार्ड नंबर-10 से भाजपा की उम्मीदवार एल्मा का उसी दिन निधन हो गया, जब वोटों की गिनती चल रही थी. वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थीं और गिनती के दिन ही उनकी सेहत और बिगड़ गई, जिसके बाद उन्होंने आखिरी सांस ले ली. यह खबर मिलते ही चुनावी माहौल में शोक की लहर फैल गई.
नगर निकाय चुनावों के बाद वोटों की चल रही गिनती
तेलंगाना के सात निगमों और 116 नगर पालिकाओं में वोटों की गिनती का काम जारी है. पूरे राज्य में कांग्रेस, बीआरएस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. अब तक आए रुझानों के मुताबिक, कांग्रेस लगभग 300 वार्डों में आगे बढ़ चुकी है, जबकि बीआरएस ने 170 वार्डों पर कब्जा जमाया है. भाजपा ने अब तक 47 वार्डों में जीत दर्ज की है, लेकिन इन आंकड़ों के बीच लक्षेटीपेट से आई यह खबर ने सियासी जीत-हार की दौड़ में जीवन की नाजुकता को एक बार फिर याद दिला दिया.
भाजपा उम्मीदवार की मौत के बाद पार्टी ने जताया दुख
एल्मा अपने इलाके में एक सक्रिय चेहरा मानी जाती थीं और उन्होंने वार्ड नंबर 10 के विकास को लेकर काफी उम्मीदें जगाई थीं. चुनाव के दौरान वह अपने प्रचार अभियान में जोर-शोर से शामिल रहीं, लेकिन बीमारी ने उन्हें जकड़ लिया. उनके परिजनों और समर्थकों के मुताबिक, वह पिछले कुछ दिनों से इलाजरत थीं, फिर भी चुनावी सलीब के साथ खड़ी रहीं. गिनती का दिन उनके लिए और उनके परिवार के लिए किसी बड़े सपने का दिन हो सकता था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. उनके निधन की खबर सुनकर पार्टी कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं ने भी गहरा दुख जताया.
चुनावी जश्न के माहौल के बीच घटी दुर्घटना
यह घटना उस समय सामने आई जब पूरे राज्य में चुनावी जश्न का माहौल था. जीतने वाले उम्मीदवार जश्न मना रहे थे और हारने वाले अपनी हार पर आहें भर रहे थे, लेकिन एल्मा के लिए न जीत थी, न हार, बस जीवन का अंतिम सफर था.
तेलंगाना के नगर पालिका चुनावों में ऐसी दुखद घटना बहुत कम देखने को मिलती है. इससे चुनावी हलचल के बीच जीवन की अनिश्चितता का एहसास हुआ है. एल्मा के परिजनों और समर्थकों को तासलीत देने वाले अनेक लोग जुटे हैं और पार्टी ने भी उनके परिवार के साथ पूरा साथ देने का आश्वासन दिया है.


