लोकसभा की प्रिविलेज कमेटी ने कांग्रेस के मीडिया सेल से जुड़े 8 नेताओं को नोटिस भेजा है. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है. नोटिस में इन नेताओं से 7 दिनों के अंदर लिखित जवाब मांगा गया है कि उन्होंने स्पीकर और सदन की गरिमा के खिलाफ क्या-क्या बयान दिए और सोशल मीडिया पर क्यों पोस्ट किए.
किन कांग्रेस नेताओं को मिला नोटिस?
नोटिस पाने वालों में कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता और मीडिया सेल के सदस्य शामिल हैं, जिनमें पवन खेड़ा, जयराम रमेश, सुप्रिया श्रीनेत, अभिषेक मनु सिंघवी, रजनी पाटिल, रंजीत रंजन, मनीष तिवारी और गौरव गोगोई के नाम प्रमुख हैं. कमेटी का आरोप है कि इन नेताओं ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लगातार ‘अपमानजनक’ और ‘झूठे’ बयान दिए, जो सदन की प्रिविलेज का उल्लंघन है.
कांग्रेस ने कमेटी के एक्शन पर क्या रिएक्शन दिया?
शिकायतकर्ता विष्णु दत्त शर्मा का आरोप है कि कांग्रेस के मीडिया विभाग ने जानबूझकर भ्रामक AI वीडियो और अपमानजनक तस्वीरों का सहारा लिया. इस मामले को सदन की अवमानना की श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि ये सीधे तौर पर संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के सम्मान से जुड़ा है.
कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक बदले की कार्रवाई’ बताया है. पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि सत्ताधारी दल विपक्ष की आवाज दबाना चाहता है. पवन खेड़ा ने X पर लिखा, ‘प्रिविलेज का इस्तेमाल अब सत्ता के खिलाफ बोलने वालों को दबाने के लिए हो रहा है. हम जवाब देंगे.’
इस मामले में आगे क्या होगा?
अगर ये नेता जवाब नहीं देते या कमिटी को संतोषजनक जवाब नहीं लगता, तो कमिटी सिफारिश कर सकती है कि उन्हें सजा दी जाए. इसमें सदन से निलंबन, जुर्माना या अन्य कार्रवाई शामिल हो सकती है. यह मामला सदन की कार्यवाही में हंगामे के बीच और तनाव बढ़ा सकता है.
यह पहली बार नहीं है जब प्रिविलेज कमेटी ने कांग्रेस नेताओं को नोटिस भेजा है. पिछले साल भी कुछ नेताओं को इसी तरह के मामलों में नोटिस मिले थे. अब देखना है कि ये 8 नेता क्या जवाब देते हैं और कमिटी क्या फैसला सुनाती है. क्या यह मामला सदन में नया हंगामा पैदा करेगा?


