कर्नाटक सरकार ने घोषणा की है कि राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार (6 मार्च, 2026) को राज्य बजट पेश करते हुए यह बात कही है. सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि बच्चों पर मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के प्रतिकूल प्रभावों को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है.
पिछले महीने सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में आयोजित कुलपति सम्मेलन में इस मुद्दे पर चर्चा की थी और कुलपतियों से राय मांगी थी. चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने मोबाइल की लत, ऑनलाइन गेमिंग, बच्चों की शिक्षा और शारीरिक फिटनेस पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की थी.
कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी (IT & BT) मंत्री प्रियांक खरगे ने 30 जनवरी को कर्नाटक विधानसभा में कहा था कि युवाओं में सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को देखते हुए राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) के उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए कुछ उपाय लाने पर गंभीरता से विचार कर रही है.
कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है. फिनलैंड ऐसी कार्रवाई कर चुका है और यूनाइटेड किंगडम भी इसी तरह की कार्रवाई पर विचार कर रहा है. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने पहले ही कुछ आयु वर्ग के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है. मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमने भी स्टेकहोल्डर्स के साथ बात शुरू कर दी है ताकि यह देखा जा सके कि सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचने के लिए क्या किया जा सकता है
ऑस्ट्रेलिया ने कम उम्र के यूजर्स के लिए सोशल मीडिया तक पहुंच को सीमित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. फ्रांस और स्पेन समेत यूरोप के कुछ और देशों में भी स्कूलों ने कक्षाओं में ध्यान भटकाने को कम करने और छात्रों की एकाग्रता में सुधार करने के लिए स्मार्टफोन के उपयोग पर को लेकर भी सख्त नियम बनाए हैं.


