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BJP की महिला पदाधिकारी ने कर्नाटक पुलिस पर निर्वस्त्र करने का आरोप लगाया, CM का आरोपों से इनकार
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BJP की महिला पदाधिकारी ने कर्नाटक पुलिस पर निर्वस्त्र करने का आरोप लगाया, CM का आरोपों से इनकार

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कर्नाटक में हाल में सरकारी अधिकारियों पर हमले के सिलसिले में गिरफ्तार की गई भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक महिला पदाधिकारी ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनसे दुर्व्यवहार किया था. हालांकि, पुलिस ने इस आरोप को खारिज कर दिया है. पुलिस का दावा है कि महिला ने खुद अपने कपड़े उतारे और पुलिसकर्मियों पर हमला भी किया. महिला द्वारा काटे जाने से उन्हें चोटें भी आईं.

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने इस घटना के लिए महिला को दोषी ठहराया, जबकि भाजपा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी पार्टी पदाधिकारी को निर्वस्त्र किया. घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे विवाद खड़ा हो गया.

हुबली-धारवाड़ के पुलिस आयुक्त एन शशिकुमार ने बुधवार को महिला के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि महिला ने खुद न केवल अपने कपड़े उतारे बल्कि दो उप-निरीक्षकों समेत चार पुलिस अधिकारियों को काट भी लिया.

सूत्रों के अनुसार, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को हटाने के लिए राजस्व अधिकारी पुलिसकर्मियों के साथ उस स्थान पर गए थे, जहां कथित तौर पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों ने उन पर हमला कर दिया. इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था और महिला मुख्य आरोपी है. पुलिस का दावा है कि जब पुलिस की टीम उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची तो महिला ने गिरफ्तारी का विरोध किया.

पुलिस की टीम ने महिला को जबरदस्ती पुलिस वाहन में बैठाया. महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिस टीम ने उसे निर्वस्त्र किया. इस आरोप का खंडन करते हुए शशिकुमार ने पत्रकारों को घटनाक्रम से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि हुबली के केशवापुर के चालुक्य नगर इलाके में जब सरकारी अधिकारी भूमि सर्वेक्षण के लिए पहुंचे तो लोग उनका प्रतिरोध करने लगे और उन पर हमला कर दिया.

इस संबंध में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए. इनमें से एक मामले में जांच अधिकारी (आईओ) ने अपराध में शामिल एक महिला को गिरफ्तार करने का फैसला किया. शशिकुमार ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान जांच अधिकारी ने अत्यंत संयम और सावधानी बरती. उन्होंने लगभग आठ से 10 महिला अधिकारियों और कर्मियों को अपने साथ लिया क्योंकि उन्हें गड़बड़ी होने की पूरी आशंका थी.

अधिकारी ने कहा, ‘इसके बावजूद, जब महिला को पुलिस वाहन में ले जाया गया तो उसने खुद अपने कपड़े उतार दिए. मौके पर मौजूद हमारी महिला अधिकारियों और कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद ली और दूसरे वस्त्र का इंतजाम किया.’ उन्होंने बताया कि पुलिस ने बार-बार महिला से दूसरा वस्त्र पहनने का अनुरोध किया.

शशिकुमार ने कहा, ‘इसलिए पुलिस पर लगाया गया आरोप सरासर झूठा है और यह दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया है. मैंने घटनाक्रम की पुष्टि कर ली है.’ पुलिस आयुक्त ने कहा कि उन्होंने पुलिस उपायुक्त से एक से पांच जनवरी तक की घटनाओं के पूरे क्रम की गहन जांच करने को कहा है.

शशिकुमार ने बताया कि महिला के खिलाफ करीब नौ मामले लंबित हैं. उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि झड़प में चार महिला पुलिस अधिकारी घायल हो गईं. उन्होंने कहा, ‘दो कर्मी बुरी तरह घायल हो गए और दो अन्य को भी मामूली चोटें आई हैं. हमारे तीन-चार पुरुष कर्मियों को भी चोटें आई हैं.’ उन्होंने कहा, ‘पुरुष अधिकारियों और कर्मियों ने कोई शिकायत नहीं दी है, लेकिन महिला अधिकारियों में से दो बुरी तरह घायल हो गई हैं और उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है.’

सिद्धरमैया ने हावेरी में संवाददाताओं से कहा कि आरोपी महिला ने पुलिस अधिकारियों को काट लिया था. उन्होंने कहा, ‘जब पुलिस अधिकारी महिला को गिरफ्तार करने गए तो उसने कई अधिकारियों को काट लिया. यह बहुत बुरी बात है. उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. जब पुलिसकर्मी उसे गिरफ्तार करने गए तो उसने उन्हें पीटा और काट लिया.’

सिद्धरमैया ने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए, अन्यथा उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा विधायक आर अशोक ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की.

अशोक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’पर एक पोस्ट में कहा, ‘हुबली केशवापुर पुलिस द्वारा कांग्रेस पार्टी के एक नगर निकाय सदस्य की शिकायत पर भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता को निर्वस्त्र करके पीटने की अमानवीय घटना, राज्य की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार द्वारा बेशर्मी से चलाई जा रही नफरत की राजनीति का एक और उदाहरण बन गई है, जो खुद को शर्मिंदा करने वाली है.’

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के तहत कर्नाटक में विपक्षी विधायकों की हत्या के प्रयास, विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमले और अत्याचार जैसी आपराधिक घटनाएं आम होती जा रही हैं. अशोक ने आरोप लगाया, ‘मुख्यमंत्री सिद्धरमैया नीत कांग्रेस सरकार ने राज्य में अघोषित आपातकाल लगा दिया है.’

 

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