प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जयपुर जोनल टीम ने मंगलवार (27 जनवरी, 2026) को मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में M/s Digi Mudra Connect Private Limited के डायरेक्टर प्रकाश चंद जैन को PMLA के तहत गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद प्रकाश चंद जैन को जयपुर की PMLA स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने ED को आगे की पूछताछ के लिए 4 दिन की रिमांड दी है.
देश के कई राज्यों में दर्ज FIR के तहत शुरू हुई जांच
ED ने ये जांच STF मध्य प्रदेश के भोपाल, राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा और महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी. इन मामलों में प्रकाश चंद जैन, रवि जैन और अन्य लोगों के नाम सामने आए थे.
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मिलकर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की. लोगों को उनके मोबाइल ऐप और प्लेटफॉर्म माई विक्ट्री क्लब के जरिए निवेश के लिए लुभाया गया और बेहद ज्यादा मुनाफे का झांसा दिया गया.
ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?
ED की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने सैकड़ों करोड़ रुपये निवेशकों से इकट्ठा किए. इस रकम का बड़ा हिस्सा कंपनी के काम में लगाने के बजाय डायरेक्टर्स, उनके परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और एजेंट्स के निजी खातों में ट्रांसफर कर दिया गया.
ईडी के मुताबिक, ठगी से कमाए गए इस पैसे यानी Proceeds of Crime का इस्तेमाल आरोपियों ने अपने और परिवार के नाम पर जमीन, मकान और अन्य प्रॉपर्टी खरीदने में किया. इस मामले में ED पहले ही 31 दिसंबर, 2025 को आरोपियों से जुड़े 7 ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है.
31 दिसंबर को 7 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
इन छापों के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद हुए. इसके साथ, 11.3 लाख रुपये नकद जब्त किए गए, करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियों का भी पता चला. आरोपियों और उनसे जुड़ी कंपनियों के बैंक खातों में करीब 38 लाख रुपये मिले.
दुबई में है घोटाले का मुख्य आरोपी रवि जैन
जांच के दौरान ये भी सामने आया है कि इस पूरे घोटाले का एक मुख्य आरोपी रवि जैन इस समय दुबई में है. ED का आरोप है कि उसने ठगी से कमाए गए पैसों को दुबई भेजकर वहां रियल एस्टेट और अन्य बिजनेस में निवेश किया है. ईडी के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी है.
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